लखनऊ, 29 अगस्त।
भारत के पहले निजी अंतरिक्ष मिशन Axiom-4 का हिस्सा बने और 18 दिन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) में रहने के बाद धरती पर लौटे एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला शुक्रवार सुबह पहली बार अपने घर पहुंचे। यह पल न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे मोहल्ले और शहर के लिए गर्व और भावनाओं से भरा हुआ था।

माता-पिता ने माला पहनाकर किया स्वागत
घर पहुंचते ही शुभांशु का उनके माता-पिता ने फूल-मालाओं से स्वागत किया। मां आशा देवी ने बेटे को गले लगाया और पैर छूकर आशीर्वाद लिया। शुभांशु ने भी पारंपरिक अंदाज़ में माता-पिता के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। उनकी पसंदीदा डिश मूंगदाल का हलवा और कई विशेष पकवान भी बनाए गए। मां ने कहा— “यह हमारे जीवन का सबसे खास पल है, जिस बेटे को हमने अंतरिक्ष में भेजा था, आज वह सकुशल घर लौट आया है।”
पत्नी और बेटे संग पहुंचे घर
शुभांशु के साथ उनकी पत्नी कामना और 6 वर्षीय बेटा किआंश भी मौजूद रहे। परिवार के अन्य सदस्यों और रिश्तेदारों ने उन्हें फूलों से लाद दिया। बहन ने पीठ थपथपाते हुए उन्हें घर के अंदर ले गई। घर को फूलों, रंग-बिरंगी लाइटों और रंगोली से सजाया गया था।

पड़ोसियों की खुशी का ठिकाना नहीं
मोहल्ले में जश्न का माहौल रहा। पड़ोसी आशीष ने कहा— “हम लंबे समय से इस पल का इंतजार कर रहे थे। शुभांशु जब पहली बार घर आए तो गर्व की अनुभूति हुई।” वहीं पड़ोस की राखी ने कहा— “भैया को देखकर बहुत अच्छा लग रहा है, जैसे सपना सच हो गया हो।”
घर में 1 घंटा बिताकर लौटे गेस्ट हाउस
करीब एक घंटे तक शुभांशु अपने घर पर रहे। इस दौरान मोहल्ले के बच्चे और युवा उनसे मिलने पहुंचे, फोटो खिंचवाई और अंतरिक्ष के अनुभवों के बारे में पूछा। बचपन की बातें हुईं, पुराने किस्से ताज़ा हुए। इसके बाद शुभांशु अपने परिवार के साथ नैमिषारण्य गेस्ट हाउस लौट गए। वहां उन्होंने बालकनी में कुछ देर टहलते हुए मोबाइल पर बातचीत भी की।

पूर्व एयरफोर्स अफसर से मुलाकात
शुभांशु ने एयरफोर्स ऑफिसर हरेंद्र सिंह भदोरिया से भी भेंट की। भदोरिया ने बताया कि उनके संगठन ने शुभांशु को कानपुर कार्यक्रम में आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा— “40 साल पहले मैंने वर्दी उतारी थी, आज शुभांशु जैसे युवाओं को देखकर गर्व होता है कि देश की नई पीढ़ी अंतरिक्ष तक पहुंच रही है।”
अंतरिक्ष से लौटने के बाद का गौरवशाली सफर
शुभांशु 15 जुलाई 2025 को ISS से धरती पर लौटे थे। इसके बाद 17 अगस्त को भारत पहुंचे और 18 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। 25 अगस्त को वह लखनऊ पहुंचे, जहां एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत हुआ। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने उन्हें रिसीव किया। हजारों लोगों ने तिरंगा लहराकर उनका अभिनंदन किया।
एयरपोर्ट से लेकर स्कूल तक का 20 किमी का रोड शो इतिहास बन गया। सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (CMS) में आयोजित कार्यक्रम में शुभांशु की मां और बहन मंच पर पहुंचीं, जहां दोनों भावुक होकर रो पड़ीं। शुभांशु भी अपनी मां को गले लगाकर भावुक हो उठे।

सीएम योगी ने किया सम्मानित
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आवास पर शुभांशु और उनके परिवार का स्वागत किया। लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश सरकार शुभांशु शुक्ला के नाम से छात्रों के लिए विशेष स्कॉलरशिप योजना शुरू करेगी।