राष्ट्रीय विचारधारा, भारतीय संस्कृति और मानवता के प्रतीक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के उपलक्ष्य में नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन–2025 में सागर के शिक्षक महेन्द्र कुमार लोधी ने अपने शोधपत्र का प्रभावी वाचन कर सागर जिले का नाम राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंच पर रोशन किया।

सम्मेलन में इथोपिया के राजदूत Ambassador गेबरू टेकले एवं विश्व हिंदी परिषद के महासचिव डॉ. विपिन कुमार ने श्री लोधी को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। यह सम्मान उनके शोधपरक लेख “पर्यावरण और पंडित दीनदयाल उपाध्याय” की सारगर्भित प्रस्तुति एवं हिंदी भाषा के प्रति योगदान के लिए दिया गया।
शोधपत्र में पर्यावरण और उपाध्याय विचारधारा का समन्वय
ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय, सागर के उच्च माध्यमिक जीवविज्ञान शिक्षक महेन्द्र कुमार लोधी ने अपने शोध-पत्र में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के समग्र मानववाद की अवधारणा को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए बताया कि—
- प्रकृति, समाज और मानव एक-दूसरे के पूरक हैं,
- पर्यावरण संरक्षण भारतीय संस्कृति की आधारशिला है,
- सतत विकास की राह उपाध्याय जी के विचारों में निहित है।
उनकी प्रस्तुति को सम्मेलन में आए अंतरराष्ट्रीय विद्वानों ने विशेष रूप से सराहा।
हिंदी लेखन और शिक्षा में उल्लेखनीय योगदान
श्री लोधी जीवविज्ञान विषय के शिक्षक होने के साथ-साथ हिंदी लेखन में भी गहरी रुचि और दक्षता रखते हैं। वे पर्यावरण, शिक्षा और सामाजिक मुद्दों पर शोधात्मक लेखन के लिए जाने जाते हैं।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी उन्हें शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
अंतर्राष्ट्रीय विद्वानों की उपस्थिति से सम्मेलन रहा भव्य
इस दो दिवसीय विश्वस्तरीय सम्मेलन में देश–विदेश से अनेक प्रतिष्ठित अतिथियों, साहित्यकारों, कुलपतियों, शिक्षाविदों, प्रशासकों और मीडिया प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। प्रमुख रूप से उपस्थित रहे—
- लद्दाख के उपराज्यपाल कबिन्द्र गुप्ता,
- निवर्तमान केंद्रीय गृहमंत्री अजय मिश्र टेनी,
- पूर्व राज्यसभा सांसद आर.के. त्यागी,
- हरियाणा राज्य सभा सांसद एवं पूर्व राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष रेखा शर्मा,
- सूरीनाम की राजदूत सुश्री सुनयना मोहन,
- इथोपिया के राजदूत गेबरू टेकले,
- गुआना दूतावास से केशव तिवारी,
- नीदरलैंड की डॉ. ऋतु शर्मा,
- चीन के डॉ. विवेकमणि त्रिपाठी,
- लंदन की सुश्री वंदना खुराना,
- अमेरिका से मयंक जैन, कादम्बरी शंकर, डॉ. दुर्गा सिन्हा,
- जापान से डॉ. राम पूर्णिमा,
- ऑस्ट्रेलिया से मृदुल कीर्ति सहित सैकड़ों हिंदी प्रेमी प्रतिभागी।
इन सभी प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और अधिक बढ़ाया। सम्मेलन में हिंदी भाषा के वैश्विक विस्तार, डिजिटल युग में हिंदी की संभावनाओं और भारतीय चिंतन पर विस्तृत मंथन हुआ।
सागर जिले के लिए गौरव का क्षण
शिक्षक महेन्द्र लोधी का अंतर्राष्ट्रीय मंच पर सम्मान सागर जिले के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम एवं प्रतिभा का परिणाम है, बल्कि जिले की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक समृद्धि का भी प्रतीक है।