इंदौर में रविवार को देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जन्म जयंती वर्ष के अवसर पर विशेष कार्यक्रम ‘शून्य से शतक’ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम डेली कॉलेज स्थित धीरूभाई अंबानी सभागृह में आयोजित हुआ, जिसमें देश और प्रदेश के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल विशेष रूप से मौजूद थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक गोलू शुक्ला, मधु वर्मा, रमेश मेंदोला और बीजेपी नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा सहित कई गणमान्य अतिथि शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत बीएसएफ बैंड द्वारा ‘वंदे मातरम’ की संगीतमय प्रस्तुति से हुई। इसके बाद अटल जी के जीवन, विचार और योगदान पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया।
चार विभूतियों को ‘अटल अलंकरण’ से सम्मानित किया गया
इस अवसर पर प्रसिद्ध कवि सत्यनारायण सत्तन, पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यनारायण जटिया, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व चयनकर्ता संजय जगदाले और सागर के पारंग शुक्ला को ‘अटल अलंकरण’ से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान अटल जी से जुड़े संस्मरणों पर आधारित पुस्तक ‘सदा अटल महाग्रंथ’ के तीसरे संस्करण का भी लोकार्पण किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम से पहले इंदौर एयरपोर्ट पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल के साथ उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इसके अलावा, कार्यक्रम में शामिल होने से पहले मुख्यमंत्री मौसा पराठा हाउस भी पहुंचे, जहां उन्होंने इंदौरी पोहा-जलेबी और गरमा गरम चाय का आनंद लिया और रेस्टोरेंट के कर्मचारियों के साथ फोटो खिंचाई।
‘शून्य से शतक’ कार्यक्रम अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों, काव्य, राष्ट्रवाद और जनसेवा के योगदान को स्मरण करने का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।