इंदौर शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और अव्यवस्थित पार्किंग की समस्या को देखते हुए गुरुवार को ट्रैफिक पुलिस ने चार विशेष पेट्रोलिंग टीमों का गठन किया। इन टीमों को शहर के व्यस्ततम मार्गों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी और त्वरित कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यह निर्णय डीसीपी (प्रभारी ट्रैफिक) राजेश कुमार त्रिपाठी की मौजूदगी में लिया गया। उन्होंने बताया कि शहर में लगातार बढ़ रहे वाहनों के दबाव और अवैध पार्किंग के कारण कई स्थानों पर यातायात बाधित हो रहा है। इसी समस्या के समाधान के लिए प्रत्येक ट्रैफिक जोन में एक-एक विशेष टीम तैनात की गई है, जो अपने क्षेत्र में नियमित भ्रमण कर तत्काल कार्रवाई करेगी।
टीम की संरचना
प्रत्येक टीम में एक सूबेदार/उप निरीक्षक (टीम प्रभारी), एक एएसआई या प्रधान आरक्षक, चार आरक्षक, एक महिला आरक्षक तथा दो मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग सदस्य शामिल रहेंगे। इससे टीम को मौके पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

उपलब्ध संसाधन
इन विशेष टीमों को आधुनिक संसाधनों से लैस किया गया है। टीम के पास एनाउंसमेंट के लिए पीए सिस्टम, पेट्रोलिंग मोटरसाइकिल, कार्रवाई की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बॉडी वॉर्न कैमरे, क्रेन या सपोर्ट वाहन, दो/चार पहिया वाहनों पर कार्रवाई के लिए व्हील लॉक तथा चालान काटने के लिए पीओएस मशीन उपलब्ध रहेगी।
मुख्य रास्तों और बाजारों पर फोकस
चारों टीमें अपने-अपने जोन में मुख्य मार्गों, बाजार क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर आकस्मिक निरीक्षण करेंगी। विशेष रूप से उन क्षेत्रों में सख्ती बरती जाएगी जहां फुटपाथ पर वाहन खड़े कर दिए जाते हैं या मुख्य सड़क पर अवैध पार्किंग से यातायात बाधित होता है। दुकानों के सामने सड़क पर वाहन खड़े कर आवागमन रोकने वालों के खिलाफ मौके पर ही व्हील लॉक या क्रेन के माध्यम से चालानी कार्रवाई की जाएगी।

जनता से अपील
टीमों ने पीए सिस्टम के माध्यम से दुकानदारों, रहवासियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और अपने वाहन निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करें, ताकि शहर की यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
कार्रवाई की होगी वीडियो रिकॉर्डिंग
कार्रवाई की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी टीम सदस्य बॉडी वॉर्न कैमरे का उपयोग करेंगे, जिससे पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग हो सके। वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर टीमों के कार्य की समीक्षा करेंगे और आवश्यकता अनुसार दिशा-निर्देश जारी करेंगे।
ट्रैफिक पुलिस का मानना है कि इन विशेष टीमों के गठन से शहर में यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और नागरिकों को जाम से राहत मिलेगी।