तेलंगाना नगर निगम चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। AIMIM अध्यक्ष और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के ‘मिया मुस्लिम’ वाले बयान पर तीखा हमला बोला है। निजामाबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए ओवैसी ने हिमंता पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें पता है कि वह “2 रुपए के भिखारी” हैं और क्या वह यह पैसे उनके अकाउंट में ट्रांसफर कर दें।
दरअसल, कुछ दिन पहले असम CM हिमंता बिस्वा सरमा ने ‘मिया मुस्लिम’ समुदाय को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि अगर मिया मुस्लिम रिक्शा के लिए 5 रुपए मांगें, तो उन्हें 4 रुपए ही दिए जाएं। हिमंता का दावा था कि इस तरह की छोटी-छोटी परेशानियों से तंग आकर वे राज्य छोड़ देंगे। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
निजामाबाद रैली में ओवैसी ने कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को बराबरी का अधिकार देता है। चाहे प्रधानमंत्री हों या मुख्यमंत्री, किसी को भी किसी समुदाय के साथ भेदभाव करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमंता खुले तौर पर कह रहे हैं कि वे मिया मुस्लिमों के साथ भेदभाव करेंगे और उन्हें वोट देने के लिए बांग्लादेश जाने की बात कर रहे हैं। ओवैसी ने सवाल उठाया कि आखिर असम के मुख्यमंत्री क्या साबित करना चाहते हैं।

तेलंगाना में नगर निगम चुनावों से पहले शुक्रवार रात हुई इस रैली में ओवैसी ने कई राष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट टीम के भारत के खिलाफ मैच के बायकॉट की बात, पूर्व थलसेना प्रमुख एमएम नरवणे की अनपब्लिश किताब और प्रधानमंत्री के राज्यसभा में दिए गए भाषण पर भी टिप्पणी की।
पाकिस्तान के भारत के खिलाफ मैच खेलने से इनकार पर ओवैसी ने कहा कि भारत T20 वर्ल्ड कप की मेजबानी कर रहा है। इसके बावजूद “बेकार पाकिस्तानी टीम” यह कहती है कि वह भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेगी और इस पर केंद्र सरकार चुप बैठी है। उन्होंने सवाल किया कि सरकार यह क्यों नहीं कहती कि अगर मैच नहीं खेलना है, तो भारत आने की जरूरत क्या है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर भी चुप है और चीन के मामले में भी खामोशी साध लेती है।
रैली के दौरान ओवैसी ने बीजेपी, RSS और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कई बड़े बयान दिए। उन्होंने कहा कि भारत में मुसलमानों की आबादी कभी भी हिंदू आबादी से ज्यादा नहीं होगी, फिर भी बेवजह डर फैलाया जा रहा है। उन्होंने बीजेपी और RSS से सवाल किया कि चीन के सैनिकों को पीछे धकेलने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की हिम्मत क्यों नहीं दिखाई गई।
प्रधानमंत्री के बयान का जिक्र करते हुए ओवैसी ने कहा कि पीएम कहते हैं कि देश की आबादी जवान है। अगर देश की 60 प्रतिशत आबादी 40 साल से कम उम्र की है, तो सरकार को यह बताना चाहिए कि उनके लिए रोजगार के क्या अवसर पैदा किए गए हैं और उन्हें कौन-सी स्किल्स सिखाई गई हैं।
ओवैसी ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के तीन बच्चे पैदा करने वाले बयान पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि पहले यही लोग जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने की बात करते थे और मुसलमानों की आलोचना करते थे, लेकिन अब उन्हें एहसास हो गया है कि अगर किसी देश की आबादी बूढ़ी हो जाती है तो उसका क्या असर पड़ता है।
इतिहास का जिक्र करते हुए ओवैसी ने कहा कि गोलवलकर ने अपनी मैगजीन में लिखा था कि सोमनाथ मंदिर की लूट में हिंदू राजा भी शामिल थे। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर इतिहास के बदले लेने की बात की जा रही है, तो रावण की क्रूरता, महाभारत में कौरवों के अत्याचार और दिल्ली में सिखों के खून-खराबे का बदला कौन लेगा।
ओवैसी के इन बयानों के बाद एक बार फिर सियासी माहौल गरमा गया है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना है।