आंगनवाड़ी केंद्रों में सुधार के लिए सख्त निर्देश !

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सागर जिले में छोटे बच्चों के सर्वांगीण विकास को लेकर प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। कलेक्टर संदीप जी आर ने महिला एवं बाल विकास विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के सभी 2633 आंगनवाड़ी केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं हर हाल में सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के शारीरिक, मानसिक और पोषण विकास की नींव होते हैं, इसलिए इनके संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक के वी, जिला कार्यक्रम अधिकारी भरत सिंह राजपूत सहित महिला बाल विकास विभाग, पीएचई, जल निगम, स्वास्थ्य विभाग और बिजली विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने सभी विभागों के बीच समन्वय बनाकर काम करने पर जोर दिया।

समय पर संचालन और नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी आंगनवाड़ी केंद्र सुबह 9 बजे से पहले, यानी 8:30 बजे तक खुल जाएं और कार्यकर्ता तथा सहायिका समय पर उपस्थित रहें। उन्होंने सीडीपीओ और सुपरवाइजर्स को केंद्रवार रोस्टर बनाकर नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए, ताकि प्रत्येक केंद्र की स्थिति की लगातार निगरानी हो सके।

पानी-बिजली और बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य

कलेक्टर ने सख्त शब्दों में कहा कि जिन आंगनवाड़ी केंद्रों में पानी, बिजली या शौचालय की सुविधा नहीं है, वहां तत्काल सुधार किया जाए। किराए के भवनों में चल रहे केंद्रों में यदि ये सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, तो उन्हें तुरंत बदलने के निर्देश दिए गए। पीएचई और जल निगम को एक सप्ताह के भीतर सभी केंद्रों में पेयजल कनेक्शन देने के निर्देश दिए गए, जबकि बिजली विभाग को सभी केंद्रों में बिजली कनेक्शन सुनिश्चित करने को कहा गया।

पोषण और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान

बैठक में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन और नाश्ते की गुणवत्ता पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि भोजन और नाश्ते के समय में अंतर रखा जाए और पोषणयुक्त आहार ही वितरित किया जाए। गर्भवती और धात्री माताओं को भी संतुलित आहार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने और उनकी नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। साथ ही 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों का पुनः परीक्षण करने के लिए विशेष टीम गठित करने की बात कही, जो एक माह के भीतर यह कार्य पूरा करेगी।

अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को लक्ष्य आधारित कार्य के निर्देश

कलेक्टर ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को निर्देश दिए कि वे आंगनवाड़ी केंद्रों में लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करें और बच्चों के समग्र विकास के लिए ठोस पहल करें। साथ ही कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के प्रशिक्षण एवं जागरूकता के लिए सेमिनार आयोजित करने को कहा गया।

दस्तावेज और पहचान से जुड़ी पहल

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर शिविर लगाकर बच्चों और उनके परिवारों के आधार कार्ड और जाति प्रमाण पत्र बनवाए जाएं। इसके अलावा अपार आईडी बनाने के लिए अभिभावकों को जागरूक करने और अधिक से अधिक बच्चों के पंजीयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

गुणवत्ता निर्माण पर भी नजर

निर्माणाधीन आंगनवाड़ी भवनों की गुणवत्ता को लेकर भी कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्य के दौरान मौके पर उपस्थित रहकर गुणवत्ता सुनिश्चित करें, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिल सके।

कलेक्टर संदीप जी आर की इस सख्ती से यह स्पष्ट है कि प्रशासन बच्चों के पोषण और विकास को लेकर गंभीर है। यदि इन निर्देशों का सही तरीके से पालन होता है, तो जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा और बच्चों के भविष्य को मजबूत आधार मिल सकेगा।

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