उज्जैन में पकड़ी गई ‘लुटेरी दुल्हन गैंग’, जबलपुर–दमोह समेत कई जिलों के पीड़ित परिवार सामने आए
जबलपुर/दमोह/उज्जैन।
शादी जैसे पवित्र रिश्ते को भी ठगी का जरिया बनाने वाले ‘लुटेरी दुल्हन गैंग’ का भंडाफोड़ उज्जैन पुलिस ने किया है। इस गैंग की सरगना कृतिका जैन (28) अपनी बहन आयना जैन (22), चाची पुष्पा जैन (55) और तीन दलालों के साथ गिरफ्तार हुई। जैसे ही इस गैंग की तस्वीरें सार्वजनिक हुईं, प्रदेशभर के कई पीड़ित परिवार सामने आने लगे। इनमें दमोह, जबलपुर और शाजापुर के लोग शामिल हैं, जिन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ भी शादी के नाम पर लाखों की ठगी की गई।

दमोह के मूलचंद जैन का दर्द – “बहू नहीं मिली, कर्ज और बदनामी मिल गई”
दमोह निवासी मूलचंद जैन ने बताया कि उनके बेटे ऋषभ जैन की शादी इसी गैंग ने कराई। दलाल प्रकाश पटेल ने उन्हें रिश्ता दिखाया और लड़की का आधार कार्ड व फोटो दिखाकर विश्वास दिलाया। जबलपुर में 11 जून 2025 को होटल में सगाई करवाई गई, जिसमें 50 हजार नकद दिए गए।
इसके दो दिन बाद दमोह के गढ़ाकोटा स्थित होटल में शादी करवाई गई। दुल्हन कृतिका शादी के बाद घर भी आ गई। परिवार को लगा सब ठीक है, लेकिन यह सिर्फ ठगी का जाल था।
पहला प्लान फेल, दूसरा प्लान सफल – “कुंडलपुर दर्शन का बहाना”
शादी के 10 दिन बाद ही कृतिका अपनी चाची और बहन के साथ प्लान बनाने लगी। पहले कोशिश की गई कि उसे जबलपुर कुछ दिन के लिए भेजा जाए, लेकिन परिवार ने मना कर दिया। इसके बाद कृतिका ने कुंडलपुर दर्शन जाने का बहाना बनाया।
23 जून को ऋषभ उसे लेकर कुंडलपुर गया। साथ में करीब 6 लाख नकद और 5 तोला सोने के गहने थे। होटल में कमरा बुक करने गए ऋषभ के लौटने तक कृतिका कार समेत नकदी और जेवर लेकर गायब हो चुकी थी।

रातों-रात मकान खाली, पूरा गैंग फरार
घटना के बाद जब ऋषभ और मूलचंद ने कृतिका के जबलपुर स्थित संजीवनी नगर वाले किराए के मकान पर पहुंचकर पूछताछ की, तो मकान मालिक ने बताया कि वह रातों-रात सामान समेटकर भाग गई है।
दमोह पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।

उज्जैन में ऐसे पकड़ी गई गैंग
पिछले हफ्ते उज्जैन पुलिस को एक प्रॉपर्टी ब्रोकर के अपहरण और 50 लाख की फिरौती की शिकायत मिली। लोकेशन ट्रेस कर पुलिस ने पीछा किया और शाजापुर के पास कार पलटने पर ब्रोकर को छुड़ाया गया। इसी दौरान महिला सरगना कृतिका जैन सहित छह आरोपी गिरफ्तार किए गए।
जांच में खुलासा हुआ कि यही महिला शादी के नाम पर ठगी करने वाली वही ‘लुटेरी दुल्हन’ है, जो पहले से शाजापुर में वांटेड थी।

तस्वीरें देख पहचान हुई – “यही है वो लड़की”
उज्जैन पुलिस ने जब गिरफ्तार आरोपियों की तस्वीरें सार्वजनिक कीं, तो दमोह के मूलचंद जैन और उनके रिश्तेदारों ने तुरंत पहचान कर ली। वकील नितिन जैन का कहना है कि यह कोई छोटा गिरोह नहीं है, बल्कि प्रदेशभर में फैला नेटवर्क है।
“पहले दलाल के जरिए रिश्ते तय कराए जाते हैं, फिर शादी होती है और कुछ दिनों बाद दुल्हन सोना, नकदी लेकर भाग जाती है। अभी तक 20 से ज्यादा जिलों में इनके केस सामने आ चुके हैं।”

पुलिस की बड़ी चुनौती – “कितने घर बर्बाद हुए?”
जबलपुर एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने कहा कि अब जबलपुर समेत आसपास जिलों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। दमोह के परिवार ने ताजा शिकायत दर्ज कराई है। यदि और मामले सामने आए, तो आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में कार्रवाई होगी।

ठगी का नया मॉडल – “शादी उद्योग बना अपराध का अड्डा”
यह गैंग सिर्फ परिवारों को ही नहीं, बल्कि समाज की उस बुनियाद को चोट पहुंचा रहा है, जिसमें शादी को विश्वास और सम्मान का रिश्ता माना जाता है।
- आधार कार्ड और फोटो दिखाकर विश्वास दिलाया जाता है।
- दलालों की फौज रिश्ते कराने का काम करती है।
- सगाई–शादी में नकदी और गहने लिए जाते हैं।
- कुछ दिन बाद दुल्हन सोना–नकदी लेकर गायब हो जाती है।

पीड़ित परिवारों की मांग
पीड़ितों का कहना है कि इस गैंग ने न जाने कितने घर बर्बाद किए हैं। वे चाहते हैं कि
निष्कर्ष
उज्जैन में ‘लुटेरी दुल्हन गैंग’ की गिरफ्तारी ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। यह घटना सिर्फ आर्थिक ठगी नहीं, बल्कि सामाजिक विश्वास पर हमला है। पुलिस जांच अब इस दिशा में है कि कितने परिवार इस गिरोह का शिकार हुए और आखिरकार इस संगठित अपराध का मास्टरमाइंड कौन है।