इंदौर के गणेश नगर (तिलक नगर थाना क्षेत्र) में एक किराए के मकान में रहने वाली 23 वर्षीय उमंग प्रजापति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उसका शव दो दिन तक कमरे में फंदे पर लटका रहा, लेकिन पड़ोसियों और मकान मालिक को इसकी भनक तक नहीं लगी। आखिरकार बदबू आने पर घटना का खुलासा हुआ। पुलिस ने शुक्रवार रात शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल भेजा।
युवती की पहचान और पृष्ठभूमि
उमंग प्रजापति मूल रूप से भोपाल की रहने वाली थीं। वह कुछ सालों से इंदौर के गणेश नगर में किराए के मकान में अकेले रह रही थीं। उनके परिवार में माता-पिता और एक छोटी बहन हैं। पिता भोपाल में व्यापार करते हैं। उमंग पहले एक बैंक में नौकरी करती थीं, लेकिन काम के तनाव और डिप्रेशन के कारण उन्होंने कुछ समय पहले नौकरी छोड़ दी थी।
परिजनों के अनुसार, वह पिछले कुछ दिनों से काफी परेशान और उदास रहती थीं। डिप्रेशन को ही आत्महत्या का मुख्य कारण माना जा रहा है।

आखिरी बातचीत और संदिग्ध तारीख
परिजनों ने बताया कि 14 जनवरी को उमंग ने अपनी मां से आखिरी बार बात की थी। उस समय वह नाराज़ थीं। मां से बात के दौरान उन्होंने कहा, “बाद में बात करूंगी”। छोटी बहन ने भी मां को समझाया कि दीदी से बाद में बात कर लेना। लेकिन उसके बाद मां-बेटी की कोई बात नहीं हो पाई। संभवतः 14 जनवरी की रात या उसी दिन उमंग ने फांसी लगाकर जान दे दी।
दो दिन तक किसी को पता नहीं चला

पुलिस की जांच और परिवार का दावा
पुलिस ने मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिलने की बात कही है। युवती का मोबाइल फोन कस्टडी में लिया गया है, जिसकी जांच की जा रही है। तिलक नगर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
घटना की जानकारी मिलने पर भोपाल से माता-पिता और अन्य परिजन इंदौर पहुंचे। परिजनों ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव को भोपाल ले जाया जाएगा, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा।
यह घटना एक बार फिर अकेले रहने वाली युवतियों के मानसिक स्वास्थ्य, काम के तनाव और परिवार से दूरी के मुद्दों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। शहर में ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं, जो समाज के लिए चिंता का विषय हैं।
(यह दुखद घटना किसी भी व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी का संकेत है। यदि आप या कोई जानकार व्यक्ति उदास या परेशान है, तो तुरंत मदद लें।) 😔