इंदौर के विजयनगर थाना क्षेत्र में सोमवार रात तीन माह के एक डॉग की मौत को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि एक पशु प्रेमी एनजीओ से जुड़े लोगों और इलाके में रहने वाले एक परिवार के बीच जमकर मारपीट हो गई। घटना के बाद विजयनगर पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
घर में घुसकर मारपीट का आरोप
विजयनगर पुलिस के अनुसार, दुर्गा शर्मा की शिकायत पर स्वाति शर्मा, अर्पित कुमावत, मयंक सोनी, अभिषेक परिहार सहित अन्य लोगों के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट, गाली-गलौज और तोड़फोड़ के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। दुर्गा शर्मा ने पुलिस को बताया कि सोमवार रात करीब 10:30 बजे वह अपने घर पर मौजूद थीं और बच्चे बाहर खेल रहे थे। इसी दौरान कुछ लोग जबरन उनके घर में घुस आए और उनके पति बलराम शर्मा के बारे में पूछताछ करने लगे।

दुर्गा का आरोप है कि आरोपियों ने उनके घर में घुसते ही गाली-गलौज शुरू कर दी और घरेलू सामान को फेंकते हुए तोड़फोड़ की। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की गई। इस दौरान बीच-बचाव करने पहुंचीं उनकी भाभी के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की। आरोपियों ने खुद को ‘प्रकृति फाउंडेशन’ नामक एनजीओ से जुड़ा बताया और बलराम शर्मा पर एक डॉग को डंडे से पीटकर मारने का आरोप लगाया। पीड़िता के अनुसार, मारपीट के दौरान घर का काफी सामान टूट गया, जिसके बाद आरोपी कार और बाइक से मौके से फरार हो गए।
वायरल वीडियो से भड़का विवाद
दूसरी ओर, एनजीओ संचालक अर्पित कुमावत की शिकायत पर बलराम शर्मा और अन्य के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। अर्पित ने पुलिस को बताया कि वह ‘प्रकृति फाउंडेशन’ का संचालन करता है। सोमवार को सोशल मीडिया पर उन्हें एक वीडियो प्राप्त हुआ, जिसमें एक व्यक्ति एक डॉग को डंडे से पीटते हुए नजर आ रहा था। वीडियो के आधार पर मामले की सच्चाई जानने के लिए उनकी टीम की सदस्य दुर्गा बटोनियां मौके पर पहुंची थीं।

अर्पित का आरोप है कि मौके पर पहुंचते ही बलराम शर्मा के परिजनों से विवाद हो गया, जो बाद में मारपीट में बदल गया। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि वायरल वीडियो 8 जनवरी का है, जिसमें बलराम शर्मा द्वारा तीन माह के डॉग को डंडे से पीटकर उसकी हत्या की गई थी।
पशुक्रूरता अधिनियम में भी मामला दर्ज
पुलिस ने वीडियो फुटेज और प्रारंभिक जांच के आधार पर बलराम शर्मा के खिलाफ पशुक्रूरता अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया है। विजयनगर पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष जांच की जा रही है। वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है, हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून को हाथ में न लेने की अपील की है।