इंदौर। इंदौर–दाहोद नई रेल लाइन परियोजना में जमीन अधिग्रहण एक बार फिर बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। रेलवे ने टीही–धार के बीच फरवरी तक काम पूरा करने का लक्ष्य तय किया है, लेकिन पीथमपुर रेलवे स्टेशन पर अब तक पूरी जमीन न मिलने के कारण यह लक्ष्य मुश्किल नजर आ रहा है। स्थिति यह है कि दो में से एक प्लेटफॉर्म का निर्माण कार्य अभी तक शुरू ही नहीं हो पाया है, जिससे रेलवे अधिकारी असमंजस में हैं कि तय समय-सीमा में काम कैसे पूरा होगा।
पीथमपुर स्टेशन पर रेलवे द्वारा स्टेशन बिल्डिंग और एक प्लेटफॉर्म का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। यहां कुल तीन लाइन (दो प्लेटफॉर्म) विकसित किए जा रहे हैं। प्लेटफॉर्म-1 के लिए 30 मीटर और दूसरे प्लेटफॉर्म के लिए 36 मीटर जमीन की आवश्यकता थी। इस पूरे हिस्से में कुल 49 लोगों की जमीन आ रही है, जिनमें से अब तक केवल 19 लोगों ने ही अपनी जमीन रेलवे को सौंपी है। शेष 30 लोगों की जमीन अब तक रेलवे को नहीं मिल पाई है। इसी कारण स्टेशन पर इलेक्ट्रिफिकेशन का काम भी पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है।

लाइन सस्पेंड करने पर भी नहीं हो पा रहा काम
रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि यदि जमीन नहीं मिलती है तो एक लाइन को सस्पेंड करने का विकल्प भी देखा जा सकता है, लेकिन इसके बावजूद ओएचई (ओवरहेड इलेक्ट्रिक) के लिए जरूरी मास्ट नहीं लगाए जा सकते। मास्ट के बिना आगे का कोई भी तकनीकी कार्य संभव नहीं है। अधिकारी ने कहा कि यदि जल्द जमीन मिल जाए तो रेलवे तेजी से काम करते हुए निर्धारित समय-सीमा में प्रोजेक्ट पूरा करने का प्रयास करेगा।
14 साल से देरी का शिकार है प्रोजेक्ट
इंदौर–दाहोद रेल प्रोजेक्ट की शुरुआत वर्ष 2007–08 में हुई थी। 200 किलोमीटर से अधिक लंबी इस रेल लाइन को तीन वर्षों में पूरा किया जाना था, लेकिन 14 साल बाद भी परियोजना अधूरी है। अब तक रेलवे केवल करीब 50 किलोमीटर हिस्से में ही काम पूरा कर सका है।
वर्तमान में रेलवे टीही से धार तक के 46 किलोमीटर हिस्से पर काम कर रहा है, लेकिन इस सेक्शन में भी टीही टनल का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। दूसरी ओर, पीथमपुर में जमीन अधिग्रहण रेलवे के लिए सबसे बड़ी समस्या बन गया है। जमीन अधिग्रहण के लिए रेलवे द्वारा 14 करोड़ रुपये स्टेट अथॉरिटी को जमा कराए जा चुके हैं, इसके बावजूद अब तक 36 मीटर जमीन का कब्जा नहीं मिल सका है।
जल्द समाधान का भरोसा
इस मामले पर केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि पीथमपुर स्टेशन पर जमीन अधिग्रहण को लेकर जो भी समस्याएं आ रही हैं, उन्हें कलेक्टर से चर्चा कर जल्द सुलझाया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि धार तक नई रेल लाइन का काम जल्द पूरा हो, इसके लिए किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी।
वहीं रतलाम रेल मंडल के पीआरओ खेमराज मीना ने बताया कि पीथमपुर स्टेशन पर स्टेशन बिल्डिंग और एक प्लेटफॉर्म का कार्य पूरा हो चुका है। जैसे ही शेष जमीन रेलवे को मिलेगी, दूसरे प्लेटफॉर्म का काम तुरंत शुरू कर परियोजना को तेजी से पूरा किया जाएगा।
फिलहाल जमीन अधिग्रहण की अड़चन के चलते इंदौर–दाहोद रेल प्रोजेक्ट एक बार फिर समय-सीमा से पिछड़ता नजर आ रहा है, और अब सभी की निगाहें प्रशासनिक स्तर पर होने वाले समाधान पर टिकी हैं।