इंदौर में तीन मंजिला बिल्डिंग हादसा: दो की मौत, 12 घायल, तलघर में भरे पानी और सड़े सरियों ने ली जान !

Spread the love

इंदौर, 23 सितंबर 2025:
इंदौर के रानीपुरा इलाके में सोमवार रात लगभग सवा 9 बजे एक तीन मंजिला बिल्डिंग भरभराकर गिर गई। हादसे में अल्फिया (20) और फहीम (40) की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 12 अन्य लोग घायल हुए, जिनमें 3 महीने की बच्ची भी शामिल है। घायलों में चार की हालत गंभीर बताई जा रही है।

हादसे के कारण:
स्थानीय लोगों और पड़ोसियों के अनुसार, इस 15 साल पुरानी बिल्डिंग के गिरने की मुख्य तीन वजहें सामने आई हैं:

  1. तलघर में हमेशा भरा पानी:
    पड़ोसियों ने बताया कि बिल्डिंग के तलघर में हमेशा पानी भरा रहता था। यह जगह पार्किंग के रूप में थी, लेकिन पानी जमा होने के कारण किसी ने भी अपने वाहन को वहां पार्क नहीं किया। मकान मालिक ने कभी इस पानी को निकालने का प्रयास नहीं किया।
  2. सड़े हुए सरिए:
    बिल्डिंग में इस्तेमाल किए गए सरिए पूरी तरह से सड़ चुके थे। पड़ोसी दुकानदारों ने बताया कि जब बिल्डिंग गिरने लगी, तो सरिए उसे संभाल नहीं सके और यह हादसा हुआ।
  3. पुरानी ईंटें और कमजोर मटेरियल:
    बिल्डिंग निर्माण के समय इस्तेमाल की गई ईंटें भी काफी पुरानी और कमजोर थीं। स्लैब और पिलर मजबूती के अभाव में पूरे भवन का वजन सहन नहीं कर सके।

हादसे का मंजर:

  • पहली और दूसरी मंजिल का मलबा नालियों और आसपास के इलाके में फैल गया।
  • तलघर खाली होने के कारण ग्राउंड फ्लोर का मलबा उसमें भर गया।
  • सड़क किनारे बनी तीन दुकानें भी प्रभावित हुईं, जिनमें से एक किराए पर चल रही थी।

पड़ोस में रहने वाले जाकिर खान ने बताया कि बिल्डिंग गिरने से पहले लगभग 10 मिनट तक झुकी रही। इस दौरान कई लोग बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन फहीम मलबे में दब गए।

स्पष्ट राहत की बात:
पड़ोस में स्थित माताजी का मंदिर और अन्य इमारतें हादसे में पूरी तरह सुरक्षित रहीं। पड़ोसी स्थानीय लोगों ने इसे देवी की कृपा मानकर राहत जताई।

विशेषज्ञों की राय:
इंजीनियर अतुल शेठ ने कहा कि इस बिल्डिंग का बेस और नींव कमजोर थी और निर्माण में पेशेवर मदद नहीं ली गई थी। मटेरियल की गुणवत्ता सीधे तौर पर भवन की मजबूती पर असर डालती है। कमजोर सरिए और पुराने मटेरियल की वजह से पिलर भी भवन का वजन सहन नहीं कर सके।

प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई:

  • पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
  • फोरेंसिक टीम ने बिल्डिंग मटेरियल और सरियों के सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेजे हैं।
  • स्थानीय रहवासियों और प्रशासन ने मिलकर करीब 8 घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया।

राजनीतिक बयानबाजी:

  • कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे भू माफिया और अवैध निर्माण का परिणाम बताया, जबकि भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि बस्ती में पुराने मकानों पर बिना परमिशन डबल और ट्रिपल स्टोरी बनाई गई थी।

निष्कर्ष:
यह हादसा इंदौर की निर्माण व्यवस्था और पुराने मकानों के रखरखाव की गंभीर समस्या की ओर इशारा करता है। कमजोर मटेरियल, सड़े सरिए और पानी जमा होने से न केवल भवन की मजबूती कमजोर हुई बल्कि यह जानलेवा साबित हुआ। प्रशासन को पुराने और अवैध भवनों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित करने की तत्काल आवश्यकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *