इंदौर में दशहरा उत्सव पर नया प्रयोग: पहली बार बनेगा शूर्पणखा का पुतला !

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इंदौर, 19 सितम्बर 2025

इंदौर में इस बार दशहरे का जश्न कुछ अलग और अनोखा होने वाला है। अब तक हर साल रावण दहन ही केंद्र बिंदु रहता था, लेकिन इस बार आयोजन समिति ‘पौरुष’ ने समाज को संदेश देने के लिए एक नई पहल की है। दशहरे पर रावण की बहन शूर्पणखा और उसकी सेना का पुतला दहन किया जाएगा। खास बात यह है कि इस पुतले पर हाल ही में चर्चित महिला हत्याकांड की आरोपियों के चेहरे भी दर्शाए जाएंगे।

पुतले का निर्माण इंदौर के ही अनुभवी शिल्पकार कालू भैया और उनकी टीम कर रही है। बीते 25 सालों से हजारों रावण बना चुके कालू भैया का कहना है –

“हजारों रावण तो बनाए हैं, लेकिन शूर्पणखा का यह पुतला पहली बार बना रहे हैं। यह हमारे लिए चुनौती भी है और अनोखा अनुभव भी।”


15 फीट ऊंचा होगा शूर्पणखा का पुतला

जानकारी के मुताबिक, शूर्पणखा का पुतला लगभग 15 फीट ऊंचा बनाया जा रहा है। इसे नवरात्रि के दौरान तैयार कर लिया जाएगा। कालू भैया ने बताया कि महिला पात्र का पुतला बनाना आसान नहीं है, इसलिए इसके चेहरे और हावभाव पर खास ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा –

“शूर्पणखा की असली खूबसूरती उसके भावों में थी। हम उसे उसी रूप में गढ़ रहे हैं, जैसा प्राचीन कथा-कहानियों में दिखाया गया है।”


संस्था ‘पौरुष’ का सामाजिक संदेश

संस्था ‘पौरुष’ हर साल 40-50 बड़े रावण पुतले बनवाती है। लेकिन इस बार उनका मकसद केवल परंपरा निभाना नहीं, बल्कि समाज को एक नई चेतावनी देना है।
संस्था के अध्यक्ष अशोक दशोरा ने कहा –

“आज दशहरा केवल सबसे बड़े रावण के मुकाबले तक सिमट गया है। लेकिन असली उद्देश्य समाज में बुराई को खत्म करना है। शूर्पणखा का पुतला छोटा होगा, लेकिन इसका संदेश बड़ा होगा।”

संस्था के सदस्य मिलिंद अग्रवाल ने कहा कि यह आयोजन किसी खुशी का प्रतीक नहीं बल्कि समाज में बढ़ रही विकृतियों और विसंगतियों के प्रति चेतावनी है।


इंदौर में पुतलों का बाजार

इंदौर में हर साल मालवा मिल, जंजीरावाला चौराहा, दशहरा मैदान, राजकुमार ब्रिज रोड जैसे इलाकों में पुतलों का बाजार सजता है। यहां 1 फीट से लेकर 61 फीट तक के पुतले बनाए जाते हैं। इस बार भी प्री-बुकिंग का दौर चल रहा है। बच्चों के लिए छोटे पुतलों की मांग बढ़ी है।

हालांकि अच्छी बारिश के कारण इस बार समय की कमी रही, लेकिन निर्माताओं का कहना है कि वे समय पर सभी ऑर्डर पूरे कर देंगे।


पुतले की लागत और परंपरा

पुतलों की कीमत उनके आकार, डिजाइन और वस्त्र-सजावट पर निर्भर करती है। पटाखों की व्यवस्था आयोजक समितियां करती हैं।
मुख्य दशहरा मैदान में इस बार रावण का कद 101 फीट तक होने की संभावना है।


महिला संगठनों का समर्थन: “पुरुष आयोग बने”

इस आयोजन को लेकर मानव अधिकार संगठन की राष्ट्रीय महासचिव और ‘न्याय की आवाज’ महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष सविता मालवीय ने भी समर्थन जताया है। उन्होंने कहा –

“आज कुछ महिलाएं पति को झूठे मामलों में फंसा रही हैं, हत्या कर रही हैं या आत्महत्या के लिए मजबूर कर रही हैं। अब समय आ गया है कि ‘बेटी बचाओ’ के साथ-साथ ‘पुरुष बचाओ, भाई बचाओ, बेटा बचाओ’ जैसे अभियान भी शुरू किए जाएं।”

उन्होंने केंद्र सरकार से ‘पुरुष आयोग’ के गठन की मांग भी की, ताकि निर्दोष पुरुषों को झूठे मामलों से बचाया जा सके।


2 अक्टूबर को होगा जुलूस और दहन

आयोजन समिति ने जानकारी दी है कि 2 अक्टूबर को दशहरा से पहले शूर्पणखा और उसकी सेना के पुतलों को ढोल-नगाड़ों के साथ जुलूस निकालकर पूरे शहर में घुमाया जाएगा। इसके बाद इन्हें दम्हा लक्ष्मी नगर मेला ग्राउंड में दहन किया जाएगा। इस अवसर पर एक एंथम सॉन्ग भी प्रस्तुत किया जाएगा।

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