इंदौर, 19 सितम्बर 2025
इंदौर में गुरुवार रात दो अलग-अलग घटनाओं ने शहर को गहरे सदमे में डाल दिया। एक ओर छत्रीपुरा थाना क्षेत्र में एक नवविवाहिता ने अपने मायके में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, तो वहीं आजाद नगर क्षेत्र में 19 वर्षीय महिला की बीमारी और गर्भावस्था के बीच मौत हो गई। दोनों मामलों की जांच पुलिस कर रही है।

नवविवाहिता हिमानी की आत्महत्या: “मर्जी से मौत चुनी”
छत्रीपुरा थाना पुलिस के अनुसार, मृतका हिमानी (30), पति रवि प्रजापति लोकनायक नगर की रहने वाली थी। उसकी शादी दो साल पहले अहमदाबाद निवासी रवि प्रजापति से हुई थी, जो गुजरात राज्य परिवहन निगम में कार्यरत हैं।
शादी के लगभग एक साल बाद ही हिमानी अपने मायके लौट आई थी और पिछले एक साल से यहीं रह रही थी। गुरुवार रात उसने अपने पिता अभिनंदन प्रजापति के घर में फांसी लगाकर जान दे दी।
सुसाइड नोट बरामद
पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें हिमानी ने लिखा है:
“अब मेरी जीने की इच्छा नहीं है। यह कदम मैं अपनी मर्जी से उठा रही हूँ। मम्मी-पापा मुझे माफ कर देना।”
इस नोट में उसने किसी पर प्रत्यक्ष रूप से आरोप नहीं लगाया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि पति से तलाक को लेकर विवाद चल रहा था, जिसकी वजह से वह तनाव में थी।
हिमानी की पारिवारिक पृष्ठभूमि
- पिता: अकाउंटेंट
- भाई-बहन: एक छोटा भाई और एक बहन
- शिक्षा: कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई
- पति: गुजरात राज्य परिवहन निगम में नौकरी
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिवार के बयान दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
आजाद नगर में 19 वर्षीय शिवानी की मौत
दूसरी घटना आजाद नगर थाना क्षेत्र की है। यहां रहने वाली शिवानी (19) पति सूरज कुशवाह, निवासी दुर्गा नगर की गुरुवार रात अचानक तबीयत बिगड़ गई।
परिवार के मुताबिक, रात 12 बजे वह बाथरूम में गिर गई। पहले उसे नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया, फिर वहां से एमवाय अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
भाई का बयान
शिवानी के भाई यश ने बताया कि वह लंबे समय से टीबी की बीमारी से पीड़ित थी और लगातार इलाज चल रहा था। बीमारी के चलते उसका शरीर काफी कमजोर हो गया था। इस बीच वह चार माह की गर्भवती भी थी।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
दोनों घटनाओं से गमगीन शहर
इंदौर में एक ही दिन दो युवा महिलाओं की मौत की खबर ने परिवारों और परिचितों को हिला कर रख दिया है।
- हिमानी की मौत ने समाज में विवाहिक रिश्तों में तनाव और महिला मानसिक स्वास्थ्य की ओर सवाल खड़े किए हैं।
- वहीं, शिवानी की मौत ने बीमारी, गर्भावस्था और कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच की चुनौतियों को सामने ला दिया है।
दोनों ही घटनाओं ने यह संदेश दिया है कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की उपेक्षा जानलेवा साबित हो सकती है।