इंदौर में मतदाता सूची पुनरीक्षण पूरा: 5,108 नाम कटेंगे, 60 हजार नए युवा वोटर्स जुड़े !

Spread the love

इंदौर जिले में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) की लंबी प्रक्रिया अब पूरी हो गई है। जिला प्रशासन द्वारा की गई स्क्रूटनी और सुनवाई के बाद कुल 5,108 मतदाताओं को अपात्र घोषित किया गया है। फाइनल पब्लिकेशन से पहले इन सभी नामों को मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा।

सबसे ज्यादा नाम विधानसभा क्षेत्र इंदौर-5, इंदौर-1 और सांवेर से हटाए जा रहे हैं, जबकि सबसे कम नाम महू और इंदौर-2 में कटे हैं। प्रशासन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की गई है ताकि मतदाता सूची पूरी तरह त्रुटिरहित बनाई जा सके।


6.78 लाख मतदाताओं को जारी हुए नोटिस

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार पुनरीक्षण के दौरान दो प्रमुख श्रेणियों के मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे:

  • ‘नो मैपिंग’ केस – जिनका नाम 2003 की मूल सूची से मेल नहीं खा रहा था
  • ‘तार्किक त्रुटि’ केस – नाम, उम्र या अन्य जानकारी में गड़बड़ी

कुल 6,78,748 मतदाताओं को नोटिस दिए गए। जांच के बाद:

  • 6.73 लाख मतदाता सही पाए गए – जानकारी पोर्टल पर अपडेट
  • 5,108 अपात्र – नाम सूची से हटेंगे
  • 551 शिफ्टेड वोटर्स – अन्य स्थान पर स्थानांतरण के कारण विलोपित

प्रशासन ने कहा कि जिन पात्र नागरिकों के नाम छूट गए हैं, वे अभी भी आवेदन देकर जुड़वा सकते हैं।


अब जिले में मतदाताओं की नई तस्वीर

सुधार और सुनवाई के बाद जिले की मतदाता सूची में बड़ा बदलाव सामने आया है:

  • कुल मतदाता: लगभग 24,19,620
  • नए युवा मतदाता: 18 वर्ष पूरे करने वाले 60,000+ नाम जुड़े
  • रिकॉर्ड सुधार: BLO द्वारा मौके पर जाकर 33,701 एंट्री में सुधार

यानी एक तरफ अपात्र नाम हटाए गए, वहीं बड़ी संख्या में नए युवा वोटर्स शामिल होने से मतदाता सूची और अपडेट हुई है।


विधानसभा-वार कटे नामों की सूची

विधानसभाकाटे गए नाम
इंदौर-5979
सांवेर946
इंदौर-1900
इंदौर-3630
इंदौर-4580
राऊ565
इंदौर-2192
देपालपुर168
महू148

चुनावी गणित पर असर

विशेषज्ञों का मानना है कि मतदाता सूची में यह संशोधन आने वाले चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  • डुप्लीकेट और गलत नाम हटने से मतदान प्रतिशत की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी
  • नए युवा वोटर्स जुड़ने से चुनावी समीकरण बदल सकते हैं
  • शहरी क्षेत्रों में ज्यादा कटौती होने से राजनीतिक दलों को नई रणनीति बनानी होगी

प्रशासन का कहना है कि अंतिम प्रकाशन के बाद सूची आधिकारिक रूप से लागू हो जाएगी और यही सूची आगामी चुनावों का आधार बनेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *