मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में एक बेहद चौंकाने वाली और दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और एक महिला की जान चली गई। इंफोसिस की सॉफ्टवेयर इंजीनियर शंपा पाठक पांडे की कार से कुचलकर हत्या कर दी गई। इस मामले में पिता-पुत्र पर गंभीर आरोप लगे हैं, जिन्होंने कथित तौर पर गुस्से में आकर इस वारदात को अंजाम दिया।
घटना बुधवार शाम करीब 7 बजे की बताई जा रही है, जब शिव वाटिका टाउनशिप (सागर समृद्धि एन्क्लेव) में रहने वाले लोगों और पेंटहाउस मालिक कुलदीप चौधरी के बीच विवाद शुरू हुआ। विवाद की वजह बिजली सप्लाई को लेकर बताई जा रही है। रहवासियों के अनुसार, कुलदीप चौधरी ने अपने पेंटहाउस की बिजली कटने से नाराज होकर अन्य फ्लैट्स की बिजली भी काट दी, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
जब रहवासी इस बारे में बात करने पहुंचे, तो बहस बढ़ गई और मामला मारपीट तक पहुंच गया। इसी दौरान कुलदीप ने अपने 18 वर्षीय बेटे मोहित को मौके पर बुलाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों पिता-पुत्र पहले से ही गुस्से में थे और रहवासियों को सबक सिखाने की बात कर रहे थे।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विवाद के बीच कुलदीप कार में बैठ गया और बाहर खड़े लोगों को धमकी देते हुए कहा, “हट जाओ, आज सबको मार डालूंगा।” इसके बाद मोहित तेज रफ्तार से कार लेकर आया और लोगों की ओर बढ़ा। पहले एक महिला कर्मचारी को टक्कर मारी गई, फिर कार सीधे शंपा पाठक पांडे की ओर बढ़ी।
शंपा के पति सौरभ पांडे के अनुसार, वह इस हमले से बाल-बाल बच गए, लेकिन उनकी पत्नी कार की चपेट में आ गईं। पहले कार का बोनट उन्हें लगा, जिससे वह गिर गईं, लेकिन आरोपी ने कार नहीं रोकी और उन्हें कुचलते हुए आगे बढ़ गया। इस दौरान कार दीवार से टकराई, लेकिन तब तक शंपा गंभीर रूप से घायल हो चुकी थीं। बाद में उनकी मौत हो गई।
घटना के दौरान चौकीदार की पत्नी रेणु भी कार की चपेट में आ गईं, जिससे उन्हें भी चोटें आईं। उन्होंने बताया कि वह अपने परिवार के साथ थीं, तभी अचानक कार तेज गति से आई और कई लोगों को टक्कर मारते हुए निकल गई। यह पूरा घटनाक्रम बेहद भयावह था और वहां मौजूद लोग दहशत में आ गए।
घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस को सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। बताया जा रहा है कि आरोपी घटना के बाद थाने पहुंचकर खुद ही शिकायत दर्ज कराने का प्रयास कर रहे थे, जिससे मामला और संदिग्ध बन गया।
मृतका शंपा पाठक पांडे मूल रूप से अयोध्या की रहने वाली थीं और हाल ही में 13 मार्च को अपने पति और दो छोटे बच्चों के साथ इस सोसायटी में रहने आई थीं। उनके परिवार पर इस घटना ने दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है। सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि उनके दोनों बच्चों को अभी तक मां की मौत की जानकारी नहीं दी गई है।

परिजनों के अनुसार, शंपा एक जिम्मेदार और शांत स्वभाव की महिला थीं। वह इंफोसिस में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत थीं और अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन बिता रही थीं। लेकिन एक मामूली विवाद ने उनकी जिंदगी छीन ली।
स्थानीय लोगों और बिल्डर लोकेश राणा के अनुसार, कुछ दिन पहले ही कुलदीप चौधरी को समझाया गया था कि वह अपने पेंटहाउस का कमर्शियल उपयोग न करें। उस समय उन्होंने सहमति जताई थी, लेकिन बाद में फिर विवाद खड़ा कर दिया। बताया जा रहा है कि कुलदीप और उनका बेटा पहले भी विवादों में रह चुके हैं।
मोहित के बारे में स्थानीय लोगों का कहना है कि वह तेज रफ्तार में गाड़ी चलाने और आक्रामक व्यवहार के लिए जाना जाता है। उसके खिलाफ पहले भी शिकायतें सामने आ चुकी हैं। इस घटना ने एक बार फिर से सोसायटी में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। शुक्रवार को शंपा का अंतिम संस्कार किया जाएगा, जिसके लिए उनके परिवार के सदस्य विभिन्न स्थानों से इंदौर पहुंच रहे हैं।
यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि समाज में बढ़ती असहिष्णुता और छोटी-छोटी बातों पर हिंसा की प्रवृत्ति पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रशासन और समाज दोनों के लिए यह एक चेतावनी है कि समय रहते ऐसे मामलों पर सख्ती से नियंत्रण किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।