इंदौर। छोटी ग्वालटोली थाना पुलिस ने रविवार को 12 वर्षीय एक बच्ची को उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया। यह बच्ची महू से बिना किसी को बताए इंदौर आई थी। बच्ची दक्षिण कोरियाई बच्चों और यूथ स्टार्स की बड़ी फैन है और उन्हें सोशल मीडिया पर फॉलो करती थी। अपने पसंदीदा सितारों से मिलने की चाहत में उसने दक्षिण कोरिया जाने का मन बना लिया था।

कैसे मिली बच्ची पुलिस के हाथ?
छोटी ग्वालटोली थाना प्रभारी टीआई संजू कामले ने बताया कि घटना की सूचना बस ड्राइवर ने दी थी। ड्राइवर ने देखा कि एक 12 साल की लड़की अकेले बस स्टैंड के पास घूम रही है। ड्राइवर ने बताया कि बच्ची अच्छे परिवार की लग रही थी लेकिन तनाव में दिख रही थी।
सूचना मिलते ही महिला पुलिस कर्मियों को मौके पर भेजा गया और बच्ची को थाने लाया गया।
बच्ची की कहानी
पुलिस पूछताछ में बच्ची ने खुलासा किया कि:
- वह बिना माता-पिता को बताए इंदौर आई थी।
- इंदौर से वह दक्षिण कोरिया जॉब करने के लिए जाना चाहती थी।
- वह खरगोन जिले की निवासी है।
संबंधित जिले से जानकारी जुटाने पर पता चला कि उसकी कोई गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज नहीं है।
बच्ची ने पुलिस को बताया कि वह एक महीना पहले अपने परिवार के साथ महू आई थी। महू से जानकारी लेने पर पता चला कि उसका परिवार बडगोंदा में रह रहा है, लेकिन वहां भी किसी तरह की गुमशुदगी दर्ज नहीं थी।
सोशल मीडिया और कोरियन स्टार्स का प्रभाव
बच्ची ने पुलिस को बताया कि वह पढ़ाई कर रही है और सोशल मीडिया पर कोरियन स्टार्स को फॉलो करती है। कुछ दिन पहले उसके माता-पिता ने उसे डांट दिया था, जिससे नाराज होकर उसने घर छोड़ने का निर्णय लिया।
उसे लगा कि सरवटे बस स्टैंड से उसे कोरिया जाने के लिए बस मिल जाएगी। उसकी मासूम सोच और ऑनलाइन स्टार्स के प्रति उत्साह उसे इस कदम पर ले आया।
पुलिस और परिवार की भूमिका
छोटी ग्वालटोली पुलिस ने बच्ची को तुरंत सुरक्षित थाने में लाकर उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की। परिजनों से संपर्क करने और सही जानकारी जुटाने के बाद बच्ची को उसके परिवार के पास लौटाया गया।
टीआई संजू कामले ने कहा कि इस घटना में पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सामाजिक जागरूकता ने बड़ी भूमिका निभाई।
भावनात्मक पहलू
यह घटना दर्शाती है कि कैसे सोशल मीडिया और ऑनलाइन स्टार्स का प्रभाव बच्चों पर गहरा पड़ सकता है। बच्ची की मासूम इच्छा ने उसे एक खतरनाक यात्रा पर भेज दिया था, लेकिन समय पर पुलिस हस्तक्षेप ने सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की।
सारांश
- 12 वर्षीय बच्ची महू से इंदौर आई।
- साउथ कोरियन स्टार्स से प्रभावित होकर दक्षिण कोरिया जाने की चाह।
- बस ड्राइवर की सतर्कता से पुलिस को सूचना।
- छोटी ग्वालटोली पुलिस ने बच्ची को सुरक्षित थाने लाया।
- परिवार को सौंपकर मामला सुरक्षित समाप्त।
- घटना से सोशल मीडिया और बच्चों पर इसके प्रभाव की चिंता बढ़ी।