इंदौर मेट्रो का सफर तेज़ी से आगे: प्रायोरिटी कॉरिडोर के बाद 4 किमी का सफल ट्रायल रन !

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इंदौर, 19 सितम्बर 2025

इंदौरवासियों के लंबे इंतज़ार को एक और मील का पत्थर पार करते हुए शुक्रवार को इंदौर मेट्रो का ट्रायल रन प्रायोरिटी कॉरिडोर से आगे सफलतापूर्वक पूरा हुआ। लगभग 4 किलोमीटर की दूरी तय कर ट्रेन ने एक नई उपलब्धि हासिल की। इस ट्रायल रन के दौरान मेट्रो के इंजीनियर और टेक्निकल टीम भी मौजूद रही।

मेट्रो जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु ग्रोवर ने बताया कि अब तक 10 किलोमीटर से अधिक का ट्रायल रन पूरा किया जा चुका है। आने वाले दिनों में गांधी नगर स्टेशन से रेडिसन चौराहा तक 17 किलोमीटर लंबे हिस्से पर ट्रायल रन किया जाएगा। इसके बाद सीएमआरएस (Commissioner of Metro Rail Safety) से एनओसी मिलते ही इस मार्ग पर यात्री सेवाएं शुरू की जाएंगी।


पहला अनुभव: धीमी गति से हुआ ट्रायल

शुक्रवार के ट्रायल रन में ट्रेन को 10 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलाया गया। मेट्रो सूत्रों के अनुसार ट्रेन को एमआर-10 बस स्टेशन तक जाना था, लेकिन एक किलोमीटर पहले ही उसे लौटाया गया। पहली बार ट्रेन ने 10 किलोमीटर की दूरी तय की, जो अब तक का सबसे लंबा रन था। सुरक्षा कारणों से फिलहाल सीमित दूरी पर अनुमति मिली थी। धीरे-धीरे ट्रायल रन की गति बढ़ाई जाएगी।


वर्तमान स्थिति: यात्रियों की कमी

फिलहाल इंदौर मेट्रो का संचालन केवल 6 किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर पर हो रहा है। यह हिस्सा मुख्य आबादी क्षेत्र से दूर होने के कारण यात्रियों की संख्या सीमित है। शुरुआती दिनों में शहरवासियों की भीड़ मेट्रो देखने उमड़ी थी, लेकिन बाद में पैसेंजर संख्या कम हो गई। अब तक लगभग दो लाख यात्री सफर कर चुके हैं।
मेट्रो प्रबंधन को उम्मीद है कि रेडिसन चौराहे तक संचालन शुरू होते ही यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी, क्योंकि विजय नगर, सुखलिया और आसपास के इलाकों से आईटी कंपनियों और कॉलेजों में जाने वाले कर्मचारी व विद्यार्थी इसका लाभ उठा सकेंगे।


इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट : तीन फेज़ में निर्माण

इंदौर मेट्रो का सपना तीन चरणों में पूरा किया जा रहा है।

  1. फेज 1 :
    • लंबाई – 6.3 किमी
    • रूट – मेट्रो डिपो से सुपर कॉरिडोर स्टेशन 3 तक
    • लागत – लगभग 1520 करोड़ रुपए
    • स्थिति – मई 2025 से इस पर कॉमर्शियल रन शुरू।
  2. फेज 2 :
    • लंबाई – 10.98 किमी
    • रूट – सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 3 से मालवीय नगर (रेडिसन चौराहा) तक
    • स्टेशन – 11
    • लागत – लगभग 1200 करोड़ रुपए
    • स्थिति – जनवरी 2026 तक कॉमर्शियल रन शुरू करने का लक्ष्य।
    • शुक्रवार का 4 किमी ट्रायल रन इसी फेज का हिस्सा था।
  3. फेज 3 :
    • लंबाई – 14 किमी
    • स्टेशन – 12 (7 अंडरग्राउंड, 5 एलिवेटेड)
    • चुनौती – 8.7 किमी अंडरग्राउंड और 5.34 किमी एलिवेटेड निर्माण
    • लागत – लगभग 2550 करोड़ रुपए
    • स्थिति – टेंडर प्रक्रिया पूरी, काम जल्द शुरू होगा।

मेट्रो प्रबंधकों की तैयारी

मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने इस दौरान स्टेशनों का निरीक्षण भी किया। प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य ने विजय नगर, मेघदूत गार्डन, बापट, हीरा नगर और चंद्रगुप्त चौराहा स्टेशन का दौरा किया। उन्होंने निर्देश दिए कि एंट्री-एग्जिट, लिफ्ट, एस्केलेटर, टिकट रूम, कंट्रोल रूम और सिस्टम रूम का निर्माण जल्द पूरा किया जाए ताकि यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित हो सके।


आने वाले साल का लक्ष्य

मेट्रो प्रबंधन और शासन का दावा है कि जनवरी 2026 तक रेडिसन चौराहा तक का दूसरा फेज पूरी तरह से यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा। इसके साथ ही इंदौर मेट्रो शहर के मध्य तक पहुंचेगी और यात्रियों का वास्तविक दबाव दिखेगा।

इंदौर की मेट्रो मध्यप्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है। अभी तक भोपाल और इंदौर दोनों शहरों में यह परियोजना राज्य की आधुनिकता और शहरी विकास की पहचान बनी हुई है।

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