इंदौर में एक चौंकाने वाले मामले ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में उथल-पुथल मचा दी है। कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी पर कथित तौर पर लव-जिहाद और हिंदू युवतियों को देह व्यापार में धकेलने की संगठित साजिश रचने के गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस ने इस मामले में पहले दो युवकों — साहिल शेख और अल्ताफ अली — को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में दोनों ने पार्षद कादरी का नाम उजागर किया।

मामले की शुरुआत:
मामला शुक्रवार (13 जून 2025) को सामने आया, जब दो पीड़ित हिंदू युवतियों ने स्थानीय हिंदू संगठनों से संपर्क किया और आपबीती सुनाई। इन संगठनों के कार्यकर्ताओं ने साहिल और अल्ताफ को पकड़कर पुलिस को सौंपा और एक वीडियो जारी किया, जिसमें दोनों आरोपियों ने पार्षद कादरी के साथ संबंध और उसकी भूमिका की जानकारी दी।
गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई:
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टीआई सियाराम गुर्जर (बाणगंगा थाना) के अनुसार,
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पहली शिकायत एक युवती ने साहिल शेख के खिलाफ दर्ज करवाई, जिसमें लव-जिहाद, बलात्कार, और धोखाधड़ी के आरोप हैं।
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दूसरी शिकायत में अल्ताफ अली पर बलात्कार, धर्म परिवर्तन का दबाव, और धमकी जैसे आरोप लगाए गए।
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पुलिस ने जब पार्षद अनवर कादरी के घर दबिश दी, तो वह फरार हो गया। रेड टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं।
पार्षद पर लगे आरोपों का खुलासा:
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साहिल और अल्ताफ ने पुलिस को बताया कि अनवर कादरी ने उन्हें हिंदू लड़कियों से शादी कर उन्हें धर्म परिवर्तन और फिर देह व्यापार में धकेलने के लिए पैसे दिए।
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अल्ताफ को ₹1 लाख और
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साहिल को ₹2 लाख नकद दिए गए थे।
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उन्हें यह वादा किया गया था कि काम पूरा होने पर और पैसे दिए जाएंगे।
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कादरी ने मोबाइल में लड़कियों की तस्वीरें देखकर भुगतान किया था। आरोपियों का दावा है कि कादरी अन्य युवकों को भी इसी तरह की साजिशों में फंसा चुका है।

पीड़िताओं की आपबीती:
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पहली युवती:
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साहिल ने खुद को “हिंदू” बताकर सोशल मीडिया पर दोस्ती की।
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फिर शादी का वादा कर दुष्कर्म किया।
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बाद में धर्म परिवर्तन का दबाव डाला और पैसे का लालच भी दिया।
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दूसरी युवती:
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अल्ताफ ने मोबाइल गिफ्ट कर विश्वास जीता।
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शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया।
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युवती की सगाई की खबर मिलने पर उसे धमकी दी और धर्म बदलने के लिए पैसे की पेशकश की।
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तकनीकी सबूत और जांच की दिशा:
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दोनों आरोपियों के मोबाइल से कई हिंदू लड़कियों के फोटो और वीडियो मिले हैं।
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फर्जी नामों (जैसे अर्जुन, राज) से सोशल मीडिया पर दोस्ती कर लड़कियों को जाल में फंसाया गया।
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पुलिस कॉल डिटेल्स, बैंक स्टेटमेंट, और सोशल मीडिया चैट्स की जांच कर रही है।
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डिजिटल फॉरेंसिक टीम को मोबाइल डेटा की बारीकी से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं:
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मामला सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
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भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ऐसे व्यक्तियों को संरक्षण दे रही है।
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कांग्रेस ने इस मामले पर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
मामले की संवेदनशीलता और कानून व्यवस्था:
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पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की है, ताकि किसी प्रकार की सांप्रदायिक तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो।
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सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर आईटी एक्ट और धारा 153A के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
यह मामला केवल एक आपराधिक षड्यंत्र नहीं, बल्कि एक सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दे को भी उजागर करता है, जिसमें धर्म, राजनीति, महिला सुरक्षा और सोशल मीडिया की भूमिका जैसे विषय केंद्र में हैं। जांच जारी है और पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की गंभीर निगरानी बनी हुई है।
यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला एक सुनियोजित आपराधिक नेटवर्क की ओर संकेत करता है, जिसमें राजनैतिक हस्तियों की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता।