इंदौर लव जिहाद फंडिंग मामला: अनवर कादरी से पूछताछ

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इंदौर, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर में लव जिहाद फंडिंग मामले में फरार रहे कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत से पुलिस की पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। कादरी, जो 3 सितंबर 2025 तक पुलिस रिमांड पर है, ने अपने फरार होने और नेपाल में छिपने की कहानी पुलिस को बताई है। इस बीच, पुलिस को शक है कि कादरी द्वारा नागपुर में तोड़े गए मोबाइल में महत्वपूर्ण डेटा हो सकता है, जिसकी तलाश के लिए अब इंदौर पुलिस नागपुर रवाना होगी।

मामले का पृष्ठभूमि

इंदौर के बाणगंगा थाने में जून 2025 में दो युवकों, साहिल शेख और अल्ताफ अली, के खिलाफ हिंदू युवतियों के साथ दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का मामला दर्ज हुआ था। पूछताछ के दौरान दोनों ने खुलासा किया कि कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी ने उन्हें हिंदू युवतियों को प्रेम जाल में फंसाने और धर्म परिवर्तन के लिए उकसाने के लिए पैसे दिए थे। साहिल को 2 लाख और अल्ताफ को 1 लाख रुपये दिए गए थे। इस आधार पर पुलिस ने कादरी के खिलाफ मामला दर्ज किया, लेकिन वह तुरंत फरार हो गया।

नेपाल में फरारी और परिवार की भूमिका

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि FIR दर्ज होने के बाद कादरी इंदौर से भोपाल, हैदराबाद, चेन्नई, सिक्किम, दार्जिलिंग, और सिलीगुड़ी होते हुए नेपाल पहुंच गया था। काठमांडू में वह एक होटल में ठहरा, जिसका भुगतान उसकी बेटी आयशा ने दिल्ली से ऑनलाइन किया। कादरी की दूसरी पत्नी फरहाना भी नेपाल में उससे मिलने गई और इंदौर की गतिविधियों की जानकारी देती रही। कादरी ने नेपाल में एक सिम कार्ड खरीदा, जिसका उपयोग वह आयशा और फरहाना से इंटरनेट कॉल के जरिए संपर्क में रहने के लिए करता था ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके।

कादरी ने अपनी पत्नी से 75,000 रुपये लिए और खर्च चलाने के लिए उसकी सोने की चेन तक बेच दी। बाद में, पकड़े जाने के डर से उसने फरहाना को इंदौर वापस भेज दिया। 19 जुलाई 2025 को फरहाना दोबारा नेपाल गई और कादरी को इंदौर की ताजा स्थिति से अवगत कराया।

टूटा मोबाइल और नागपुर कनेक्शन

पूछताछ में कादरी ने खुलासा किया कि उसने दो मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया था। इनमें से एक मोबाइल को उसने नागपुर में तोड़कर फेंक दिया था। एसीपी रुबीना मिजवानी ने बताया कि पुलिस को आशंका है कि इस टूटे मोबाइल में महत्वपूर्ण डेटा हो सकता है, जो मामले की जांच में मदद कर सकता है। इसके लिए पुलिस कोर्ट से अनुमति लेकर एक विशेष टीम नागपुर भेजेगी।

बेटी आयशा और फाइनेंशियल लेन-देन

पुलिस ने कादरी की बेटी आयशा को पहले ही गिरफ्तार किया था, जो वर्तमान में जमानत पर है। आयशा ने काठमांडू में कादरी के होटल बिल का ऑनलाइन भुगतान किया था और सुप्रीम कोर्ट में कादरी की अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर करने की कोशिश की थी। अब पुलिस कोर्ट से अनुमति लेकर जेल में आयशा से पूछताछ की तैयारी कर रही है। इसके अलावा, पुलिस कादरी के फाइनेंशियल सोर्स और बैंक खातों की जांच भी कर रही है ताकि फंडिंग के स्रोत का पता लगाया जा सके।

रिमांड और आगे की जांच

कादरी को 29 अगस्त 2025 को इंदौर की जिला अदालत में सरेंडर करने के बाद 8 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया था। उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए दाढ़ी-मूंछ कटवा ली थी और सामान्य व्यक्ति की तरह कोर्ट में पेश हुआ था। रिमांड की अवधि 3 सितंबर को समाप्त हो रही है, लेकिन पुलिस का कहना है कि अभी कई सवालों के जवाब मिलना बाकी है। इसलिए पुलिस कोर्ट से कादरी की रिमांड अवधि बढ़ाने की मांग कर सकती है।

पुलिस को शक है कि इस मामले में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। कादरी के नेटवर्क, फंडिंग के स्रोत, और अन्य संदिग्धों की जांच के लिए पुलिस ने सिक्किम, दिल्ली, और महाराष्ट्र में कुछ लोगों को चिह्नित किया है। इसके अलावा, कादरी के खिलाफ 18 आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं, जिनमें प्राणघातक हमला, लूट, और अवैध हथियारों की तस्करी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव

इस मामले ने इंदौर में राजनीतिक हलचल मचा दी है। सत्तारूढ़ बीजेपी ने कादरी पर ‘लव जिहाद’ गिरोह चलाने का आरोप लगाया और उनकी गिरफ्तारी के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की मांग की थी। इंदौर जिला प्रशासन ने कादरी के खिलाफ NSA के तहत गिरफ्तारी का आदेश जारी किया था और उनकी संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही थी।

इसके अलावा, इंदौर नगर निगम ने कादरी को पार्षद पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। महापौर परिषद ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी, और संभागायुक्त दीपक सिंह ने कादरी को शोकाज नोटिस जारी किया था।

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