इंदौर। मध्यप्रदेश में कथित संत रामपाल के अनुयायियों की गतिविधियां एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इंदौर में रविवार को दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर आरोप है कि वे लोगों को जबरन रामपाल की किताबें खरीदने और उनके उपदेश मानने के लिए प्रेरित कर रही थीं। शिकायतकर्ता युवक ने आरोप लगाया कि किताब में हिंदू देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक बातें लिखी गई हैं।

इंदौर में युवक ने की शिकायत, महिलाओं पर FIR
शिकायतकर्ता अनुकूल इंगले ने बताया कि वह क्षत्रिय धर्मशाला के पास से गुजर रहा था, तभी दो महिलाएं—निर्मला हार्डिया और रेणुका हार्डिया—ने उसे रोककर ज्ञान गंगा नाम की किताब दी और खरीदने के लिए कहा। जब उसने किताब देखी, तो उसमें धार्मिक स्थलों पर न जाने, उपवास न रखने और गंगा स्नान को निषेध बताया गया था।
युवक ने बताया कि किताब के पेज नंबर 25 पर लिखा था कि “काल ने प्रकृति के साथ जबरदस्ती की, जिससे ब्रह्मा, विष्णु और महेश की उत्पत्ति हुई।” इसमें गायत्री माता समेत हिंदू देवी-देवताओं के बारे में भी विवादित बातें दर्ज थीं। इससे आहत होकर युवक ने हिंदूवादी संगठनों की मदद से रावजी बाजार थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने दोनों महिलाओं को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने और भड़काने के आरोप में FIR दर्ज की है।

रामपाल कौन?
हरियाणा का स्वयंभू संत रामपाल कई सालों से विवादों में रहा है। 2014 में हिसार के सतलोक आश्रम में हुई हिंसा में छह लोगों की मौत हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। इस मामले में उसे उम्रकैद की सजा मिली हुई है और वह जेल में बंद है। इसके बावजूद उसके अनुयायी अब भी जगह-जगह उसकी किताबें और विचारधारा फैलाने की कोशिश करते रहते हैं।
जबलपुर में भी मिला रामपाल समर्थक डॉक्टर
यह पहला मामला नहीं है। दो महीने पहले जबलपुर के रिछाई इलाके में भी पुलिस ने एक झोलाछाप डॉक्टर दशरथ कुमार बैरागी को रामपाल की किताबें बांटने के आरोप में गिरफ्तार किया था। डॉक्टर पर आरोप था कि वह अपने मरीजों को इलाज के बहाने रामपाल की किताबें पढ़ने की सलाह देता था। पुलिस ने उसके घर से भी बड़ी संख्या में आपत्तिजनक किताबें जब्त की थीं।

पुलिस की सख्ती और बढ़ती गतिविधियां
पुलिस का मानना है कि रामपाल के अनुयायियों का नेटवर्क अभी भी सक्रिय है और वे भोले-भाले लोगों को अपनी विचारधारा में फंसाने की कोशिश करते हैं। इंदौर और जबलपुर की घटनाओं के बाद पुलिस अब अन्य जिलों में भी ऐसे मामलों की जांच तेज करने जा रही है।
एसपी स्तर के अधिकारियों का कहना है कि “धार्मिक भावनाओं से छेड़छाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। समाज में नफरत फैलाने वाले तत्वों पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।”
स्थानीय लोगों में आक्रोश
इंदौर की घटना के बाद हिंदूवादी संगठनों में आक्रोश है। उनका कहना है कि रामपाल के अनुयायी लगातार समाज में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उनका यह भी आरोप है कि जेल में बंद होने के बावजूद रामपाल का नेटवर्क सक्रिय है और उसके अनुयायी योजनाबद्ध तरीके से लोगों को बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं।