इंदौर से देवास माता टेकरी जा रही बुजुर्ग महिला की दर्दनाक मौत :

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इंदौर, 26 सितंबर 2025।
इंदौर से देवास माता टेकरी दर्शन के लिए निकली एक 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला की बाइक से गिरने के बाद मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब रास्ते में बने स्पीड ब्रेकर से गुजरते हुए बाइक का संतुलन बिगड़ गया और महिला सड़क पर गिर पड़ी। परिवारजन खुशियों के साथ यात्रा पर निकले थे, लेकिन देखते ही देखते यात्रा मातम में बदल गई।


हादसे का सिलसिला : हंसी-खुशी से मातम तक

शिप्रा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतका का नाम कमलाबाई (75) पत्नी नारायण पांचाल, निवासी बिचौली मर्दाना, इंदौर है।

  • गुरुवार रात करीब 10 बजे कमलाबाई अपने किराएदार अजय की बाइक पर बैठकर देवास टेकरी माता दर्शन के लिए जा रही थीं।
  • डकाच्या इलाके में बने एक स्पीड ब्रेकर से बाइक गुजरते समय अचानक संतुलन बिगड़ा और कमलाबाई सड़क पर गिर पड़ीं।
  • हादसे में उनके सिर में गंभीर चोट लगी और वे मौके पर ही बेहोश हो गईं।

अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग

  • पीछे आ रही दूसरी बाइक पर उनका पोता राहुल और बहू सवार थे। उन्होंने तुरंत कमलाबाई को उठाया और पास के निजी अस्पताल ले गए।
  • डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताई और उन्हें दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया।
  • देर रात परिवारजन उन्हें एमवाय अस्पताल, इंदौर लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

पोते की भावुक दास्तां

पोते राहुल ने बताया कि—

  • “हम सब दादी की इच्छा पूरी करने के लिए माता दर्शन पर जा रहे थे। दादी बहुत उत्साहित थीं। उन्होंने कहा था कि वह भी दर्शन करेंगी, इसलिए हम उन्हें साथ ले गए। लेकिन यह यात्रा उनकी आखिरी यात्रा साबित हुई।”

परिवार में गहरा सदमा

कमलाबाई अपने पीछे एक बेटा, बहू, पोती और पोता छोड़ गई हैं। परिवार ने कभी सोचा भी नहीं था कि माता दर्शन की यह यात्रा उन्हें हमेशा के लिए दादी से जुदा कर देगी।


स्पीड ब्रेकरों पर उठे सवाल

यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और स्पीड ब्रेकरों की अनियमितता पर सवाल खड़े करता है।

  • कई बार बिना मानक के बनाए गए स्पीड ब्रेकर वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित होते हैं।
  • विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए सड़कों पर बने स्पीड ब्रेकरों की नियमित जांच और मरम्मत आवश्यक है।

निष्कर्ष

कमलाबाई की मौत केवल एक पारिवारिक त्रासदी नहीं, बल्कि यह याद दिलाने वाली घटना है कि सड़क सुरक्षा कितनी जरूरी है।
एक तरफ श्रद्धा और आस्था से भरी यात्रा थी, दूसरी ओर अनियंत्रित सड़क संरचनाओं और लापरवाही ने एक खुशहाल परिवार से उनकी बुजुर्ग दादी को छीन लिया।

यह घटना उन तमाम परिवारों के लिए चेतावनी है जो सड़कों पर सफर करते हैं कि सुरक्षा के प्रति सावधानी और प्रशासन की जिम्मेदारी, दोनों ही जीवन बचाने में अहम हैं।

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