इंदौर: 1 सितंबर से रात 10 बजे तक खुलेगा सराफा बाजार, चौपाटी मुक्त सराफा अभियान तेज;

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इंदौर। देशभर में मशहूर इंदौर का सराफा बाजार इन दिनों चौपाटी विवाद को लेकर सुर्खियों में है। सराफा व्यापारी लंबे समय से चौपाटी को शिफ्ट करने की मांग कर रहे हैं। अब इस मुद्दे पर एसोसिएशन ने सख्त रुख अपनाते हुए 1 सितंबर से सराफा बाजार रात 10 बजे तक खोलने का निर्णय लिया है। इस कदम का उद्देश्य है कि चौपाटी की भीड़ से मुक्त होकर व्यापार को बढ़ावा दिया जा सके।


व्यापारी मोर्चे पर, समर्थन फॉर्म भरवाए गए

गुरुवार को सराफा व्यापारियों से समर्थन फॉर्म भरवाने का अभियान शुरू किया गया। बड़ा सराफा क्षेत्र से अब तक 80 से अधिक फॉर्म जमा हो चुके हैं, बाकी फॉर्म शुक्रवार तक भरे जाएंगे। इन फॉर्म्स में साफ लिखा है:

“मैं एसोसिएशन के चौपाटी मुक्त सराफा अभियान का समर्थन करता हूं। मैं बिना किसी दबाव के यह निश्चय करता हूं कि 1 सितंबर से अपनी दुकान/कॉम्प्लेक्स के बाहर किसी भी तरह की चौपाटी या अस्थायी दुकान संचालित नहीं होने दूंगा।”

व्यापारियों को इसमें अपना नाम, फर्म का नाम, मोबाइल नंबर और दुकान की सील लगानी होती है। एसोसिएशन पदाधिकारी इन फॉर्म्स को व्यवस्थित तरीके से एकत्र कर रहे हैं।


चौपाटी एसोसिएशन भी आया बातचीत के लिए

गुरुवार को सराफा चौपाटी एसोसिएशन के पदाधिकारी भी सराफा एसोसिएशन से मिलने पहुंचे। बैठक में चौपाटी से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा हुई।

चौपाटी एसोसिएशन के अध्यक्ष राम गुप्ता ने कहा –

“हमने सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों से बातचीत की और उनकी चिंताओं को समझा। हमारी कोशिश है कि किसी तरह दोनों पक्षों के लिए संतोषजनक समाधान निकले। समय को लेकर भी चर्चा चल रही है।”

हालांकि सराफा व्यापारी इस मुद्दे पर अब किसी समझौते के मूड में नहीं दिख रहे।


महापौर से हुई बैठक भी विवादित

कुछ दिन पहले सराफा व्यापारी और चौपाटी संचालकों के बीच महापौर पुष्यमित्र भार्गव के साथ बैठक हुई थी। इसमें चौपाटी को शिफ्ट करने और समय निर्धारण पर चर्चा की गई थी। लेकिन व्यापारियों को यह निर्णय रास नहीं आया। उनका साफ कहना है कि सराफा बाजार में चौपाटी किसी भी हाल में नहीं लगनी चाहिए।


सराफा चौपाटी: इंदौर की पहचान और विवाद

इंदौर का सराफा चौपाटी रात में लगने वाले स्ट्रीट फूड मार्केट के लिए देशभर में मशहूर है। यहां पोहा, जलेबी, गराडू से लेकर अनोखे स्वाद की डिशें रातभर परोसी जाती हैं। लेकिन बीते कुछ सालों में व्यापारियों ने शिकायत की है कि चौपाटी की भीड़ और अतिक्रमण के कारण उनके गहनों के कारोबार पर असर पड़ा है। ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने में दिक्कत होती है और पार्किंग की समस्या भी विकराल रूप ले चुकी है।


आगे क्या?

  • 1 सितंबर से सराफा बाजार रात 10 बजे तक खुलेगा।
  • चौपाटी और सराफा एसोसिएशन के बीच टकराव अभी भी जारी है।
  • प्रशासन की कोशिश है कि दोनों पक्षों के बीच सहमति बने।
  • व्यापारी साफ हैं कि अबकी बार कोई समझौता नहीं होगा, बाजार से चौपाटी हटनी ही चाहिए।

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