सागर, 31 अगस्त 2025।
सागर के श्री गौर गोविंद मंदिर में चैतन्य महाप्रभु अस्पताल परिवार द्वारा आयोजित श्री राधा अष्टमी महोत्सव आध्यात्मिक उल्लास और भक्ति भाव से सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में पहुंचे युवा नेता श्री अविराज सिंह ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर माता राधारानी और भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि श्री राधा केवल एक कन्या के रूप में नहीं अपितु भक्ति और निस्वार्थ प्रेम की जीवित प्रतिमूर्ति के रूप में इस धरती पर अवतरित हुईं। उन्होंने कहा कि ईश्वर तक पहुंचने का सबसे सरल और श्रेष्ठ मार्ग प्रेम और भक्ति है। निस्वार्थ भाव से किया गया प्रेम ही वह साधन है जिससे मनुष्य ईश्वर की प्राप्ति कर सकता है।
युवा नेता ने शास्त्रों का उल्लेख करते हुए कहा – “राधा बिना कृष्ण अधूरे हैं और कृष्ण बिना राधा अधूरे हैं।” श्री राधा प्रेम, समर्पण, त्याग और माधुर्य की प्रतीक हैं। उनका जीवन हमें यह संदेश देता है कि ईश्वर से जुड़ने के लिए किसी जटिल साधना की आवश्यकता नहीं, बल्कि निस्वार्थ प्रेम और अटूट भक्ति ही पर्याप्त है।

उन्होंने आगे कहा कि पंचतत्वों में स्थित प्रत्येक ऊर्जा, ब्रह्म और विष्णु तत्व से लेकर व्योम और अग्नि तत्व तक सबका सार अंततः प्रेम और भक्ति में ही समाहित है। यही कारण है कि कृष्ण चन्द्र में जो हु तत्व है, वही श्री राधिका किशोरी हैं।
कार्यक्रम के दौरान मंदिर प्रांगण भक्ति गीतों, कीर्तन और झांकियों से गूंज उठा। श्रद्धालु महिलाओं और युवाओं ने मिलकर राधा-कृष्ण के भजनों का सामूहिक गायन किया। वातावरण में दिव्यता और माधुर्य का संचार हुआ, जिससे उपस्थित भक्तजन भावविभोर हो उठे।
श्री अविराज सिंह ने कहा – “आज राधा अष्टमी के इस पावन पर्व पर श्री गौर गोविंद मंदिर में सहभागिता करने का सौभाग्य मिला। यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक आनंद से परिपूर्ण रहा बल्कि यह जीवन को भक्ति की ओर प्रेरित करने वाला भी है। श्री राधारानी की कृपा हम सबके जीवन में सदैव बनी रहे।”

इस अवसर पर आयोजक डॉ. पी.एस. ठाकुर, डॉ. लक्ष्मी ठाकुर एवं चैतन्य महाप्रभु अस्पताल परिवार ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया। मंदिर परिसर में भक्तों ने दीप प्रज्वलित कर मंगलकामनाएं कीं और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।