उज्जैन। सोशल मीडिया के दौर में रील्स बनाने का क्रेज अब लोगों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। ऐसा ही एक मामला उज्जैन जिले के नागदा से सामने आया, जहां एक युवक ने पुलिस के खिलाफ आपत्तिजनक रील बनाकर खुद को हीरो दिखाने की कोशिश की। रील वायरल होते ही पुलिस ने युवक को गिरफ्तार किया और पूरे शहर में उसका जुलूस निकालकर सबक सिखाया।

रील में पुलिस पर तंज
आरोपी युवक का नाम मयूर मकवाना (30) पिता रामजीलाल है। उसने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो रील बनाई थी, जिसमें पुलिस को सामने दिखाते हुए वह कहता है—
“जितनी तुम्हारी सैलरी नहीं है, उतने रुपए तो हम वकील को दे देते हैं।”
यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया और देखते ही देखते लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। मामला पुलिस तक पहुंचा तो उन्होंने सख्ती दिखाते हुए तुरंत कार्रवाई की।

पुलिस ने निकाला जुलूस
नागदा पुलिस ने मयूर मकवाना को गिरफ्तार कर बीएनएस की धारा 170 के तहत केस दर्ज किया। गिरफ्तारी के बाद उसे शहर में जुलूस की शक्ल में ले जाया गया। यह जुलूस एमजी रोड से होते हुए गर्ल्स स्कूल तक निकाला गया। इस दौरान युवक को पुलिस के बीच हाथों में पकड़े हुए दिखाया गया, जिससे लोगों को चेतावनी दी जा सके कि पुलिस और कानून व्यवस्था के खिलाफ आपत्तिजनक बयानबाजी का नतीजा क्या हो सकता है।

खुद को हीरो दिखाने की कोशिश
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मयूर मकवाना ने सिर्फ सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने और खुद को “हीरो” दिखाने के लिए यह रील बनाई थी। लेकिन उसका यह स्टंट सामाजिक सौहार्द्र को बिगाड़ने और पुलिस की छवि धूमिल करने की कोशिश के रूप में देखा गया।
रीवा रेंज के डीआईजी की सख्ती
घटना के बाद रीवा रेंज के डीआईजी राजेश सिंह ने साफ कहा है कि सोशल मीडिया पर पुलिस की वर्दी और छवि का मजाक उड़ाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। साथ ही उन्होंने रीवा, सीधी, सतना, मैहर, सिंगरौली और मऊगंज जिलों के सभी पुलिसकर्मियों को भी हिदायत दी कि वे खुद भी सोशल मीडिया पर ऐसी रील न बनाएं।

सबक बना वायरल मामला
इस पूरे घटनाक्रम ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी। युवक ने जो वीडियो पुलिस के खिलाफ बनाकर वायरल किया था, उसी के जवाब में पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी और जुलूस की तस्वीरें और वीडियो साझा कर उसे सबक बना दिया।
पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई इसलिए भी जरूरी थी ताकि आने वाले समय में कोई और व्यक्ति सोशल मीडिया पर पुलिस या कानून व्यवस्था को लेकर गलत संदेश फैलाने की कोशिश न करे।