सागर जिले में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता की नई राह खोल रही है। इसी योजना का लाभ उठाकर अभिषेक कुमार जैन ने अपनी मेहनत और लगन से सफलता की मिसाल पेश की है। उन्होंने इस योजना के तहत ऋण लेकर हार्डवेयर शॉप शुरू की और आज न केवल खुद स्वावलंबी बने हैं, बल्कि दो अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं।
अभिषेक कुमार जैन ने मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत 10 लाख रुपये का बैंक ऋण प्राप्त कर अपना व्यवसाय शुरू किया। उन्हें यह ऋण भारतीय स्टेट बैंक, कटरा बाजार शाखा से मिला। इस योजना के तहत उन्हें 7 वर्षों तक 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ भी मिल रहा है, जिससे उनका आर्थिक बोझ कम हुआ है।

अभिषेक बताते हैं कि उन्हें इस योजना की जानकारी समाचार पत्र के माध्यम से मिली। इसके बाद उन्होंने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, सागर से संपर्क किया, जहां अधिकारियों ने उन्हें पूरी प्रक्रिया समझाई और मार्गदर्शन दिया। विभाग की मदद से उनका प्रकरण तैयार कर बैंक भेजा गया, जिसके बाद ऋण स्वीकृत हुआ और उन्होंने अपना व्यवसाय शुरू कर दिया। इस पूरी प्रक्रिया में उन्होंने 90 हजार रुपये का स्वयं का अंशदान भी दिया।

आज उनकी हार्डवेयर शॉप अच्छी तरह संचालित हो रही है और उन्हें हर महीने करीब 25 हजार रुपये की आय हो रही है। इसके साथ ही वे बैंक की किश्तें भी नियमित रूप से जमा कर रहे हैं। उनके व्यवसाय का दायरा अब सागर जिले तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि भोपाल और जबलपुर जैसे अन्य जिलों में भी उनका काम फैल रहा है।
अभिषेक का कहना है कि अगर उन्हें मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना का सहयोग नहीं मिलता, तो शायद वे अपना व्यवसाय शुरू नहीं कर पाते। यह योजना उनके लिए एक मजबूत आधार साबित हुई, जिसने उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाया।

यह कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणादायक है, जो खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं लेकिन संसाधनों की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पाते। शासन की योजनाओं का सही उपयोग कर वे भी आत्मनिर्भर बन सकते हैं और दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं।
अभिषेक कुमार जैन की यह सफलता न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह दर्शाती है कि यदि सही मार्गदर्शन और सरकारी सहयोग मिले, तो कोई भी युवा अपने सपनों को साकार कर सकता है।