उपार्जन केंद्रों पर कड़ी निगरानी: एसडीएम करेंगे भौतिक सत्यापन, किसानों की सुविधाओं पर विशेष जोर !

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जिले में समर्थन मूल्य पर फसल उपार्जन कार्य को सुव्यवस्थित, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिला पंचायत सीईओ श्री विवेक के वी ने उपार्जन केंद्रों की समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और सभी केंद्रों पर आवश्यक मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं।

उन्होंने कहा कि उपार्जन केंद्र केवल फसल खरीदी के स्थान नहीं हैं, बल्कि यह किसानों के लिए एक सेवा केंद्र के रूप में कार्य करते हैं। ऐसे में यहां की व्यवस्थाएं बेहतर, सुचारू और पारदर्शी होना अत्यंत आवश्यक है।

🔍 एसडीएम करेंगे अनिवार्य भौतिक सत्यापन

सीईओ श्री विवेक के वी ने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीएम) को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के उपार्जन केंद्रों का स्वयं मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करें

उन्होंने कहा कि केवल कागजी रिपोर्ट पर निर्भर न रहकर अधिकारी वास्तविक स्थिति का आकलन करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी व्यवस्थाएं सही ढंग से संचालित हो रही हैं। सत्यापन के दौरान केंद्र की क्षमता, बारदाने की उपलब्धता, तौल कांटों की शुद्धता और उपार्जन प्रक्रिया की पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाए।

🌞 भीषण गर्मी में किसानों की सुविधा सर्वोपरि

गर्मी के बढ़ते प्रकोप को ध्यान में रखते हुए सीईओ ने निर्देश दिए कि प्रत्येक उपार्जन केंद्र पर किसानों के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। उन्होंने कहा कि किसानों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है, ऐसे में उनकी सुविधा और स्वास्थ्य का ध्यान रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

प्रत्येक केंद्र पर निम्नलिखित सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं—

  • शुद्ध और ठंडा पेयजल
  • बैठने के लिए छायादार स्थान
  • प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) किट
  • स्वच्छ शौचालय
  • तकनीकी उपकरणों की उपलब्धता
  • तौल कांटा (सही माप के साथ)
  • इंटरनेट सुविधा
  • पर्याप्त मात्रा में बारदाना (बोरी)

उन्होंने यह भी कहा कि इन व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

⚖️ पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर

सीईओ श्री विवेक के वी ने स्पष्ट किया कि उपार्जन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य और समय पर भुगतान मिलना सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि तौल प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए तौल कांटों की नियमित जांच और सत्यापन आवश्यक है। साथ ही, बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

🚜 किसानों के विश्वास को मजबूत करने की पहल

जिला प्रशासन का यह कदम किसानों के विश्वास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपार्जन केंद्रों पर बेहतर व्यवस्थाएं और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित होने से किसानों को न केवल सुविधा मिलेगी, बल्कि उन्हें अपनी उपज बेचने में भी आसानी होगी।

यह पहल इस बात को दर्शाती है कि प्रशासन किसानों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है और उन्हें बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

📈 निरंतर निगरानी से मिलेगी बेहतर व्यवस्था

सीईओ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपार्जन कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी समस्या का तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि फील्ड स्तर पर सक्रियता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने से ही बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे।


सागर जिले में उपार्जन केंद्रों की व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन द्वारा उठाए गए ये कदम किसानों के हित में एक सकारात्मक पहल हैं। एसडीएम द्वारा भौतिक सत्यापन और मूलभूत सुविधाओं की अनिवार्यता से उपार्जन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सुचारू और किसान हितैषी बनने की उम्मीद है।

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