उपार्जन केन्द्रों पर पारदर्शिता अनिवार्य, किसानों के हितों से नहीं होगा समझौता : गोविंद सिंह राजपूत

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प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि मोटे अनाज (ज्वार, बाजरा) की खरीदी समर्थन मूल्य पर पूरी पारदर्शिता और सख्ती से कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और खरीदी प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी।

खाद्य मंत्री मंगलवार को मंत्रालय में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत मोटे अनाज उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शमी, नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध संचालक अनुराग वर्मा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी उपार्जन केन्द्रों पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं और सतत् निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि किसी केंद्र पर अनियमितता या लापरवाही की शिकायत मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

  • किसानों को कतारों में खड़ा न होना पड़े, इसके लिए पर्याप्त इंतजाम किए जाएं।
  • तौल और भुगतान प्रक्रिया को सरल एवं तेज बनाया जाए।
  • किसानों द्वारा बेची गई उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर सीधे आधार-लिंक बैंक खातों में किया जाए।

बैठक के दौरान मंत्री श्री राजपूत ने मूंग और उड़द की खरीदी में हुई गड़बड़ियों पर भी नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित खरीदी केन्द्रों और अधिकारियों की जवाबदेही तय कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने चेतावनी दी कि –

  • खरीदी प्रक्रिया में गड़बड़ी,
  • गुणवत्ता परीक्षण में लापरवाही,
  • किसानों को भुगतान में देरी जैसी शिकायतें अब किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।

खाद्य मंत्री ने भविष्य की कार्ययोजना बताते हुए कहा कि आगे खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए अतिरिक्त निगरानी तंत्र लगाया जाएगा। साथ ही उपार्जन केन्द्रों की नियमित मॉनिटरिंग और ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

🗣️ मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने दोहराया कि “किसानों के हितों से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य समय पर और बिना किसी परेशानी के मिले।”

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