सागर। मोतीनगर थाना क्षेत्र में एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने का झांसा देकर 28 लाख 75 हजार रुपए की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को थाने लाकर पूछताछ की गई, जिसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने आरोपी को जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, फरियादी माधव गोविंद गुप्ता पिता रामभरोसे गुप्ता, निवासी मोहन नगर वार्ड, पेशे से आयुर्वेदिक चिकित्सक हैं। उन्होंने मोतीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई कि वर्ष 2022 में उनका बेटा मेडिकल कॉलेज में प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था, लेकिन कम अंक आने के कारण वह चिंतित थे।
अच्छे संबंध और नेताओं से पहचान का दिया झांसा
इसी दौरान उनकी दुकान पर दवा लेने आने वाले रामकुमार उपाध्याय, निवासी चमेली चौक, से बातचीत हुई। जब फरियादी ने बेटे के मेडिकल में एडमिशन को लेकर चिंता जताई, तो रामकुमार ने खुद को प्रभावशाली बताते हुए कहा कि उसके मेडिकल कॉलेजों में अच्छे संबंध हैं और बड़े-बड़े राजनेताओं से उसकी पहचान है। उसने दावा किया कि वह अब तक कई छात्रों का एमबीबीएस में एडमिशन करा चुका है और फरियादी के बेटे का भी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश करा देगा।
आरोपी ने एमबीबीएस में एडमिशन के बदले 25 से 30 लाख रुपए खर्च होने की बात कही, जिस पर फरियादी उसके झांसे में आ गया।
मकान गिरवी रखकर दिए लाखों रुपए
रामकुमार के कहने पर फरियादी ने मई-जून 2022 से वर्ष 2023 तक अलग-अलग किस्तों में कुल 26 लाख रुपए नकद आरोपी को दिए। रुपए जुटाने के लिए फरियादी को अपना मकान तक गिरवी रखना पड़ा। इसके बाद आरोपी ने यह कहकर विश्वास दिलाया कि उसके बेटे का एडमिशन हो गया है और उससे 2.75 लाख रुपए और ले लिए। इस तरह कुल 28.75 लाख रुपए आरोपी को दे दिए गए।
बेटे का खुद हो गया एडमिशन, मांगे पैसे वापस
वर्ष 2023 में फरियादी के बेटे के अच्छे अंक आने पर उसका महावीर मेडिकल कॉलेज, भोपाल में विधिवत एडमिशन हो गया। इसके बाद फरियादी ने आरोपी रामकुमार से अपने पैसे वापस मांगे, क्योंकि वह एमबीबीएस में प्रवेश नहीं करा पाया था।
आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा और कहता रहा कि पैसे जमा हैं, जल्द लौटा देगा। लेकिन दो-तीन दिन पहले उसने साफ शब्दों में कह दिया कि उसके पास रुपए नहीं हैं और “जो करना है कर लो”। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस की शरण ली।
खुद को बताता था एलआईसी एजेंट

शिकायत मिलने पर मोतीनगर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान बुधवार को पुलिस ने आरोपी रामकुमार उपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी खुद को एलआईसी एजेंट बताता था और इसी पहचान के जरिए लोगों का विश्वास जीतता था।
सीएसपी ललित कश्यप ने बताया कि एमबीबीएस में एडमिशन दिलाने के नाम पर 28.75 लाख रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है कि आरोपी ने और कितने लोगों को इसी तरह ठगा है।