सागर/बीना। प्राचीन पुरास्थल एरण के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को देश–प्रदेश में पहचान दिलाने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग द्वारा एरण महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। तीन दिन तक चलने वाले इस महोत्सव का शुभारंभ आज शाम कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह बीना नदी के तट पर दीपदान और गंगा आरती के साथ करेंगे।
पहले दिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की भरमार
महोत्सव के पहले दिन चार राज्यों से आए कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत बुंदेली लोकनृत्य राई और बधाई नृत्य से होगी। इसके बाद लोकनायक हरदौल के जीवन पर आधारित नाटक का मंचन किया जाएगा। शाम के सत्र में भक्ति रस से सराबोर भजनों की प्रस्तुतियां होंगी।
इसके साथ ही एरण पर वर्षों से शोध कर रहे इतिहासकार और विद्वान मंच से इसके ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व पर प्रकाश डालेंगे।
भव्य मंच, विशाल डोम और रोशनी से सजा पुरास्थल
आयोजन को लेकर प्रशासन और संस्कृति विभाग ने व्यापक तैयारियां की हैं।
- मंच के सामने दर्शकों के बैठने के लिए 100×150 फीट का विशाल डोम तैयार किया गया है।
- कलाकारों के ठहरने के लिए 4 ग्रीन रूम बनाए गए हैं।
- पूरे पुरास्थल को आकर्षक लाइटिंग से सजाया गया है।
- प्रवेश द्वार से लेकर पार्किंग स्थल तक व्यवस्थाएं दुरुस्त की गई हैं।
एरण में स्थित भगवान वराह, भगवान विष्णु, गरुड़ स्तंभ समेत अन्य प्राचीन कलाकृतियों के बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए हैं, जिन पर उनके ऐतिहासिक महत्व की जानकारी दी गई है। बीना नदी के घाटों पर भी विशेष रोशनी की गई है, ताकि दर्शक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ पुरास्थल का भ्रमण भी कर सकें।

ये कलाकार देंगे प्रस्तुतियां
संस्कृति विभाग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार—
- गंजबासौदा के गोविंद सिंह अपनी टोली के साथ बुंदेली राई नृत्य प्रस्तुत करेंगे।
- सागर के जितेंद्र श्रीवास्तव अपनी टोली के साथ बधाई नृत्य की प्रस्तुति देंगे।
- दतिया से आई दीपशिखा टीम हरदौल नाटक का मंचन करेगी।
- कार्यक्रम के अंतिम चरण में सिवनी की प्रसिद्ध भजन गायिका शहनाज अख्तर भजनों की प्रस्तुति देंगी।
अधिकारियों ने किया स्थल निरीक्षण
एसडीएम विजय डेहरिया ने आयोजन को लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी हैं। शनिवार को एडीएम अविनाश रावत, एसडीएम डेहरिया और कार्यक्रम प्रभारी तहसीलदार डॉ. अंबर पंथी ने पूरे दिन एरण में रहकर तैयारियों का जायजा लिया। शेष कार्यों को बुधवार दोपहर 12 बजे तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
शाम 5 बजे से कार्यक्रम, दिन में लगेगा मेला
एरण महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ आज शाम 5 बजे होगा। इससे पहले दिन में कार्यक्रम स्थल पर मेले का आयोजन किया जाएगा, जहां मंच से स्कूलों के बच्चे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।
एरण महोत्सव के माध्यम से न केवल बुंदेली संस्कृति और लोककलाओं को मंच मिलेगा, बल्कि एरण जैसे ऐतिहासिक स्थल को पर्यटन के मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने की दिशा में भी यह आयोजन महत्वपूर्ण साबित होगा।