सागर। मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग एवं भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा, जिला प्रशासन सागर के सहयोग से, बुंदेलखंड की ऐतिहासिक धरोहर ऐरण (बीना) में स्थित श्री नरसिंहा मंदिर परिसर में “ऐरण महोत्सव” का भव्य आयोजन 14 से 16 जनवरी 2026 तक किया जा रहा है।

यह तीन दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव ऐरण के गौरवशाली इतिहास, बुंदेलखंड की लोक-संस्कृति, परंपराओं तथा भारतीय संस्कारों पर केंद्रित होगा। महोत्सव के अंतर्गत लोकनृत्य, लोकगायन, सुगम संगीत, नाट्य मंचन और भक्ति गायन की आकर्षक प्रस्तुतियाँ होंगी। सभी कार्यक्रम प्रतिदिन सायं 5 बजे से प्रारंभ होंगे तथा प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क रहेगा।

ऐरण का ऐतिहासिक महत्व
संचालक, संस्कृति एन.पी. नामदेव ने बताया कि बीना नदी के तट पर बसा ऐरण नगर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह पहला अवसर है जब संस्कृति विभाग द्वारा ऐरण में इस स्तर का सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय विरासत को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी।

कार्यक्रमों का विस्तृत विवरण
प्रथम दिवस – 14 जनवरी 2026
- गोविंद राजपूत एवं साथी, गंजबसौदा – राई नृत्य
- जितेन्द्र श्रीवास्तव एवं साथी, सागर – बधाई नृत्य
- दीपशिखा मंच के कलाकार – “हरदौल” नाटक
- सुविख्यात भजन गायिका शहनाज अख्तर, बरघाट – भक्ति गायन
द्वितीय दिवस – 15 जनवरी 2026
- नीलम तिवारी एवं साथी, छतरपुर – बुंदेली लोकगायन
- नवधा कथकालय, भोपाल – नृत्य-नाटिका
- परमानंद केवट एवं साथी, सिरोंज – ढिमरयाई नृत्य
- दशरथलाल पारोची एवं साथी, गुना – लोकगायन
- जित्तू खरे, सागर – लोकगायन
तृतीय दिवस – 16 जनवरी 2026
- ममता देवी एवं साथी, राजस्थान – पारंपरिक चकरी नृत्य
- विनती जैन, उज्जैन – मालवी लोकनृत्य
- अर्चना कोटार्य, झांसी – बुंदेली लोकगायन
- सुविख्यात भजन गायिका संजो बघेल, जबलपुर – भक्ति गायन

संस्कृति से जुड़ने का आमंत्रण
ऐरण महोत्सव 2026 बुंदेलखंड की लोकपरंपराओं, ऐतिहासिक विरासत और आध्यात्मिक चेतना का अनूठा संगम होगा। संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन ने क्षेत्रवासियों सहित प्रदेशभर के कला-प्रेमियों से इस महोत्सव में शामिल होकर भारतीय लोकसंस्कृति को सहेजने और आगे बढ़ाने का आह्वान किया है।