राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर सागर जिले के विकासखंड देवरी में खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा भव्य खेल गतिविधियों का आयोजन किया गया। यह आयोजन म.प्र शासन खेल एवं युवा कल्याण विभाग भोपाल के निर्देशानुसार, कलेक्टर श्री संदीप जी आर के आदेशानुसार तथा जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी सागर के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ इनडोर स्टेडियम देवरी में मुख्य अतिथियों तहसीलदार देवरी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं नायब तहसीलदार द्वारा किया गया। इस दौरान मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद उपस्थित खिलाड़ियों को एक घंटे मैदान में समय देने और खेल को जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने की शपथ दिलाई गई।

मुख्य अतिथि तहसीलदार ने अपने उद्बोधन में मेजर ध्यानचंद के खेल जगत में अमूल्य योगदान को रेखांकित किया और कहा कि ध्यानचंद केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में हॉकी के पर्याय बन चुके हैं। वहीं विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने खिलाड़ियों को खेलों के प्रति जागरूक रहते हुए अपने जीवन में अनुशासन और फिटनेस को अपनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंतर्गत अंतर-विकासखंड स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें रहली, देवरी, गौरझामर और केसली की टीमें शामिल हुईं। खिलाड़ियों के उत्साह और जोश से पूरा स्टेडियम गूंज उठा। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच रहली की टीम विजेता बनी, देवरी की टीम उपविजेता रही, जबकि केसली ने तीसरा और गौरझामर की टीम चौथा स्थान हासिल किया।
विशेष पहल के तौर पर “खेलो बढ़ो अभियान” अंतर्गत शासकीय माध्यमिक कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं को प्रतियोगिता देखने और खेल अधोसंरचना का भ्रमण करने हेतु आमंत्रित किया गया। इससे छात्राओं को खेलों के महत्व और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी मिली।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों द्वारा उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। समापन समारोह में नगर पालिका परिषद देवरी के उपाध्यक्ष नईम खान एवं पार्षद श्री रिछारिया ने विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी और मेडल प्रदान किए। इस अवसर पर खेल भावना और अनुशासन को सर्वोपरि मानने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में विकासखंड समन्वयक वसीम राजा खान ने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं में खेल भावना का विकास करना और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि कबड्डी जैसी परंपरागत खेलों को बढ़ावा देना हमारी सांस्कृतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है।
प्रतियोगिता में रेफरी की भूमिका जयकुमार पटेल ने निभाई, जबकि संचालन उच्च श्रेणी शिक्षक जसवंत रजक ने किया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए और समन्वयक देवरी द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया।
राष्ट्रीय खेल दिवस का यह आयोजन न केवल खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बना, बल्कि छात्र-छात्राओं और स्थानीय नागरिकों के लिए भी खेलों के महत्व को रेखांकित कर गया। मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम खेलों के माध्यम से युवाओं में ऊर्जा, अनुशासन और टीम भावना का संचार करने में सफल रहा।