सागर पुलिस की तत्परता और समन्वय से एक परिवार की खुशियां उजड़ने से बच गईं। अशोकनगर जिले के प्रसिद्ध करीला मेले में अपने परिवार के साथ गई सागर की 9 वर्षीय बच्ची भारी भीड़ में बिछड़ गई थी और भटकते-भटकते करीब 150 किलोमीटर दूर विदिशा पहुंच गई। हालांकि पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते बच्ची को सुरक्षित उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार सागर निवासी एक परिवार अशोकनगर जिले में लगने वाले प्रसिद्ध करीला मेले में दर्शन और मेले का आनंद लेने पहुंचा था। मेले में भारी भीड़ के कारण परिवार की 9 वर्षीय बेटी अचानक उनसे बिछड़ गई। भीड़भाड़ और अफरा-तफरी के बीच बच्ची अपने परिजनों को तलाशती रही, लेकिन उन्हें नहीं ढूंढ पाई और भटकते-भटकते विदिशा शहर पहुंच गई।
विदिशा में एक सजग व्यक्ति को बच्ची अकेली और घबराई हुई हालत में दिखाई दी। उसने बच्ची से पूछताछ की तो वह ठीक से अपना पता नहीं बता पा रही थी। इसके बाद वह व्यक्ति बच्ची को सागर से विदिशा ड्यूटी पर गए यातायात आरक्षक विशाल के पास लेकर पहुंचा। आरक्षक विशाल ने पहले बच्ची को शांत कराया और उसे भरोसा दिलाया कि वह सुरक्षित है।

इसके बाद जब उससे बातचीत की गई तो बच्ची ने केवल इतना बताया कि वह सागर की रहने वाली है। इतना पता चलते ही आरक्षक विशाल ने तुरंत मामले की जानकारी एसआई आरकेएस चौहान को दी और सागर पुलिस से संपर्क किया गया।
सूचना मिलते ही सागर पुलिस कंट्रोल रूम सक्रिय हो गया। पुलिस ने तत्काल गोपालगंज और मोतीनगर थाना क्षेत्र में चीता मोबाइल को अलर्ट कर बच्ची के परिजनों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस की तेज कार्रवाई के चलते कुछ ही समय में बच्ची के चाचा को ढूंढ लिया गया।
इसके बाद वीडियो कॉल के माध्यम से बच्ची और उसके चाचा की पहचान कराई गई। बातचीत के दौरान बच्ची ने अपने चाचा को पहचान लिया, जिससे उसकी पहचान की पुष्टि हो गई। इसके बाद पुलिस ने मेले में मौजूद अन्य परिजनों से संपर्क कर उन्हें पूरी जानकारी दी और विदिशा पहुंचने के लिए कहा।
परिजन और रिश्तेदार विदिशा पहुंचे, जहां आवश्यक औपचारिकताओं के बाद बच्ची को सुरक्षित उनके सुपुर्द कर दिया गया। अपनी बेटी को सुरक्षित पाकर परिवार की आंखों में खुशी के आंसू आ गए और उन्होंने पुलिस का आभार जताया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भीड़भाड़ वाले धार्मिक आयोजनों और मेलों में बच्चों का हाथ न छोड़ें और उन पर विशेष नजर रखें। वहीं इस मामले में सागर और विदिशा पुलिस के समन्वय और त्वरित कार्रवाई की सराहना की जा रही है, जिसकी वजह से एक मासूम बच्ची सकुशल अपने परिवार तक पहुंच सकी।