सागर जिले के करोंदा रेलवे स्टेशन से परासरी तिराहे तक बनाई गई नई सड़क विवाद के चलते अधूरी रह गई है। ठेकेदार ने करीब 50 मीटर सड़क बीच में छोड़ दी है, जिससे आसपास के पांच गांव के लोग आवागमन में दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। शिकायतों के बावजूद अधिकारी सड़क का निर्माण पूरा नहीं करा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है।
ग्रामीणों को हो रही परेशानी
करोंदा निवासी नत्थू यादव ने बताया कि करोंदा रेलवे स्टेशन पर रुकने वाली पैसेंजर ट्रेनों से कंजिया, बिल्धव, परासरी सहित करीब एक दर्जन गांव के लोग यात्रा करते हैं। सभी लोग करोंदा से परासरी तिगड्डा तक जाने वाली सड़क का उपयोग करते हैं।
ग्रामीणों की मांग पर सड़क निर्माण कार्य शुरू किया गया, लेकिन ठेकेदार ने बीच में लगभग 50 मीटर सड़क अधूरी छोड़ दी। इसके कारण सड़क से आने-जाने में लोगों को कठिनाई हो रही है।

शिकायतों का भी कोई असर नहीं
नत्थू यादव ने बताया कि ग्रामीणों ने सीएम हेल्पलाइन सहित कई अधिकारियों को इस संबंध में शिकायत भेजी है। बावजूद इसके, ठेकेदार द्वारा सड़क को पूर्ण बताकर शिकायतें बंद कर दी गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो ग्रामीण उग्र आंदोलन पर उतरेंगे।
सड़क निर्माण की महत्वता
यह सड़क करोंदा रेलवे स्टेशन से परासरी तिराहे तक जाती है और इस मार्ग से कई गांवों के लोग रोजाना आवागमन करते हैं। अधूरी सड़क के कारण ग्रामीणों को पैदल चलकर, गाड़ियों के दुर्घटनाग्रस्त होने और समय की हानि जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने अधिकारियों से जल्द से जल्द सड़क निर्माण पूरा करने की मांग की है ताकि आने-जाने में परेशानी खत्म हो सके और क्षेत्रवासियों की जीवन-यात्रा सुगम हो।