भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर अपने चरम पर है। पाकिस्तान द्वारा किए गए मिसाइल हमलों और भारत की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई के कारण दोनों देशों के बीच हालात बेहद संवेदनशील हो गए हैं। दोनों पक्षों की सरकारों और सेनाओं ने एक-दूसरे पर युद्ध जैसे कदम उठाने के आरोप लगाए हैं।

विदेश और रक्षा मंत्रालय की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस:
शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय सेना और विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान की आक्रामक गतिविधियों पर विस्तार से जानकारी दी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्नल सोफिया कुरैशी, विदेश सचिव विक्रम मिसरी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह उपस्थित रहे।
पाकिस्तान द्वारा किए गए हमले:
- हाईस्पीड मिसाइल अटैक:
- पाकिस्तान ने उधमपुर (जम्मू-कश्मीर), पठानकोट और आदमपुर (पंजाब) तथा भुज (गुजरात) के एयरबेस को निशाना बनाया।
- मिसाइल हमलों से उपकरणों और कुछ सैन्य अधिकारियों को नुकसान पहुँचा है।
- सुबह 1:40 बजे विशेष रूप से एक हाईस्पीड मिसाइल द्वारा पंजाब के एयरबेस को टारगेट किया गया।
- सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमला:
- पाकिस्तान ने अस्पतालों और स्कूल परिसरों को निशाना बनाने की कोशिश की, जिसे भारतीय बलों ने विफल किया।
- जम्मू-कश्मीर में एक प्रशासनिक अधिकारी की मृत्यु भी दर्ज की गई है।
- LoC और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गतिविधियाँ:
- नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 26 से अधिक स्थानों पर पाकिस्तानी ड्रोन घुसपैठ और भारी गोलीबारी हुई।
- यूकैब ड्रोन, लॉन्ग रेंज वेपन और फाइटर जेट्स का प्रयोग किया गया।
- डिसइन्फॉर्मेशन और प्रोपेगेंडा:
- पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ढांचे की तबाही के झूठे दावे किए हैं, जिसमें ब्रह्मोस फैसिलिटी और S-400 सिस्टम को नष्ट करने की बातें शामिल हैं।
- इन दावों को भारत ने सिरे से खारिज किया है।

भारत की जवाबी कार्रवाई:
भारतीय सशस्त्र बलों ने त्वरित और योजनाबद्ध जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
- हवाई हमले और सटीक हथियारों का प्रयोग:
- रफीकी, मुरीद, चकलाला, रहमियार खान, सुकूर और चुनिया स्थित पाकिस्तानी ठिकानों को निशाना बनाया गया।
- पसूर रडार साइट और सियालकोट एविएशन बेस पर भी सटीक हथियारों से हमले किए गए।
- टेक्निकल और सामरिक ठिकानों पर प्रहार:
- पाकिस्तान के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर्स, रडार स्टेशन, और हथियार भंडारों पर फोकस कर हमले किए गए।

स्थिति का विश्लेषण:
- पाकिस्तान की ओर से नागरिक इलाकों और इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने की कार्यवाही एक गैर-जिम्मेदाराना और उकसावे वाली नीति को दर्शाती है।
- भारतीय सशस्त्र बलों की प्रतिक्रिया अब तक संयमित लेकिन निर्णायक रही है।
- वर्तमान में, पश्चिमी मोर्चे पर पाकिस्तानी सैनिकों की संख्या में वृद्धि और उनके आक्रामक मूवमेंट ने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया है।
सरकारी रुख और अपील:
भारत सरकार ने दोहराया कि वह तनाव नहीं चाहती, लेकिन देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान के उकसावे की कार्यवाहियों की निंदा करने की अपील की है।

भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया सैन्य टकराव एक गंभीर भू-राजनीतिक संकट की ओर संकेत करता है। ऐसे में दोनों देशों की सरकारों को संयम और संवाद की ओर लौटने की आवश्यकता है। भारतीय सेना अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार और सतर्क है।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
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