शासन के निर्देशानुसार प्रशासनिक कार्यप्रणाली को आधुनिक तकनीकों से सशक्त बनाने के उद्देश्य से “कर्मयोगी iGOTe” पहल के अंतर्गत 2 अप्रैल से 8 अप्रैल तक “साधना सप्ताह” का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष अभियान के तहत जिले के सभी शासकीय सेवकों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से संबंधित प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया गया है।
कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यह प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रशासनिक दक्षता और कार्यकुशलता को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रशिक्षण पूर्ण करने की अपेक्षा की है।
🤖 डिजिटल दक्षता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
“साधना सप्ताह” के दौरान शासकीय सेवकों को AI से संबंधित चार मॉड्यूल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यों में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देना, निर्णय प्रक्रिया को अधिक सटीक बनाना और सेवा वितरण में तेजी लाना है।
कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल तकनीक का महत्व तेजी से बढ़ रहा है और प्रशासनिक कार्यों में AI का उपयोग भविष्य की आवश्यकता बन चुका है। ऐसे में सभी शासकीय सेवकों का तकनीकी रूप से दक्ष होना जरूरी है।

📚 सभी अधिकारियों को दिए गए स्पष्ट निर्देश
जिला प्रशासन द्वारा सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे स्वयं प्रशिक्षण पूर्ण करें और अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को भी समय-सीमा के भीतर प्रशिक्षण पूरा करवाएं।
इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि प्रशिक्षण पूर्ण होने की जानकारी समय-सीमा बैठक के पूर्व अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि अभियान केवल कागजों तक सीमित न रहकर वास्तव में प्रभावी रूप से लागू हो।
⚙️ कार्यप्रणाली में आएगा नवाचार
इस प्रशिक्षण के माध्यम से शासकीय सेवकों को न केवल AI के मूलभूत सिद्धांतों की जानकारी मिलेगी, बल्कि वे यह भी सीखेंगे कि किस प्रकार तकनीक का उपयोग कर कार्यों को अधिक सरल, तेज और पारदर्शी बनाया जा सकता है।
AI आधारित टूल्स के उपयोग से डेटा विश्लेषण, दस्तावेज प्रबंधन, शिकायत निवारण और नीति निर्माण जैसे कार्यों में उल्लेखनीय सुधार संभव है। इससे आमजन को भी बेहतर और त्वरित सेवाएं मिल सकेंगी।
👨💼 “कर्मयोगी” दृष्टिकोण को मिल रहा बल
यह पहल शासन के “कर्मयोगी” दृष्टिकोण के अनुरूप प्रशासनिक क्षमता विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसका उद्देश्य केवल तकनीकी प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि शासकीय सेवकों को एक जिम्मेदार, दक्ष और नवाचार-उन्मुख कार्यकर्ता के रूप में विकसित करना है।
कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से अधिकारियों और कर्मचारियों में नई सोच विकसित होती है, जिससे वे अपने कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से संपादित कर पाते हैं।
📈 प्रशासनिक सेवाओं की गुणवत्ता में होगा सुधार
AI प्रशिक्षण के माध्यम से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, निगरानी और मूल्यांकन में भी सुधार आएगा। इससे प्रशासनिक निर्णय अधिक डेटा-आधारित और परिणामोन्मुख होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI का उपयोग शासन-प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होगा। इससे भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी और जनता का विश्वास मजबूत होगा।
🕒 समय-सीमा का विशेष ध्यान
“साधना सप्ताह” के अंतर्गत सभी प्रशिक्षण 8 अप्रैल तक पूर्ण करना अनिवार्य है। प्रशासन द्वारा इस पर सतत निगरानी रखी जा रही है, ताकि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण से वंचित न रह जाए।
सागर जिले में आयोजित “साधना सप्ताह” और AI प्रशिक्षण पहल प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है। इससे शासकीय सेवकों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और वे आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकेंगे।
यह पहल न केवल प्रशासन को डिजिटल रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि आमजन को भी तेज, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।