सागर। कलेक्टर कार्यालय परिसर में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कार्रवाई की मांग को लेकर पहुंचे ग्रामीणों ने पुलिस से धक्का-मुक्की और हाथापाई कर दी। इस मामले में गोपालगंज थाना पुलिस ने 12 नामजद और 15 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, ग्राम बड़कुआं के कुछ ग्रामीण मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे। वे अपनी शिकायतों को लेकर ज्ञापन सौंपना चाहते थे। शुरुआत में ग्रामीण गेट नंबर-2 पर पहुंचे और वहीं ज्ञापन लेने की मांग करने लगे। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें बताया कि तहसीलदार कुछ ही देर में पहुंचने वाले हैं और वही ज्ञापन प्राप्त करेंगे।
गेट तोड़ने के नारे, जबरन प्रवेश की कोशिश

पुलिस के समझाने के बावजूद ग्रामीण उत्तेजित हो गए और हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद महिलाएं और पुरुष एकजुट होकर गेट नंबर-1 की ओर बढ़ गए और जबरन कलेक्टर कार्यालय के अंदर घुसने का प्रयास करने लगे। गोपालगंज थाना प्रभारी, एएसआई और अन्य पुलिसकर्मियों ने उन्हें शांतिपूर्वक ज्ञापन देने की समझाइश दी, लेकिन भीड़ ने बात मानने से इनकार कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ गाली-गलौज और नारेबाजी करने लगी। कुछ लोगों ने पुलिस स्टाफ को धक्का देना शुरू कर दिया और स्थिति हाथापाई तक पहुंच गई।
पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट
हंगामे के दौरान एक एएसआई की कॉलर पकड़ ली गई और उनका हाथ मरोड़ दिया गया। वहीं आरक्षक रणवीर का हाथ गेट में दब गया, जिससे उन्हें चोट आई। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने हालात को काबू में किया और स्थिति को शांत कराया।
पुलिस का कहना है कि इस दौरान शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई गई और कानून-व्यवस्था भंग करने की कोशिश की गई।
इन लोगों पर दर्ज हुआ मामला

एएसआई की शिकायत पर गोपालगंज थाना पुलिस ने ग्राम बड़कुआं निवासी
रूपेश अहिरवार उर्फ सल्ला, गोलू अहिरवार, पवन अहिरवार, रवि अहिरवार, समीर अहिरवार, प्रशांत अहिरवार, अरविंद अहिरवार, आकाश अहिरवार, देवी अहिरवार, सौरभ अहिरवार, कपिल अहिरवार और मालती अहिरवार सहित 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
यह था पूरा मामला
दरअसल, संत रविदास जयंती के दिन ग्राम बड़कुआं में दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था। एक पक्ष ने गांव के लोधी और ठाकुर समाज के लोगों पर मारपीट का आरोप लगाया था। इसी मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे। ज्ञापन सौंपने को लेकर हुआ विवाद धीरे-धीरे उग्र हो गया और पुलिस से झड़प में बदल गया।
फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज व गवाहों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।