कलेक्टर के निर्देश पर मेडिकल स्टोरों पर सख्त कार्रवाई, एक माह में 15 से अधिक स्टोरों को नोटिस !

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जिले में मिलावट एवं अवैध दवाओं के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. के निर्देश पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। ‘मिलावट से मुक्ति अभियान’ के अंतर्गत जहां खाद्य, डेयरी उत्पादों पर सख्ती बरती जा रही है, वहीं अब मेडिकल स्टोरों पर भी प्रशासन की कड़ी निगरानी शुरू हो गई है। औषधि निरीक्षक श्रीमती सोनम जैन के नेतृत्व में पिछले एक महीने में 15 से अधिक मेडिकल स्टोरों की जांच कर अनियमितताएं पाई गईं, जिस पर संबंधित दुकानों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।

श्रीमती जैन ने बताया कि जांच के दौरान कई दुकानों में न तो फार्मासिस्ट मौजूद मिले, न ही आवश्यक दस्तावेज जैसे बिल बुक, खरीद रसीद या स्टॉक रजिस्टर। सबसे गंभीर मामला ‘चौधरी मेडिकल स्टोर, बस स्टैंड’ पर पाया गया जहां नशे के रूप में प्रयुक्त दवाएं बिना बिल के पाए जाने पर मौके पर ही जब्त कर ली गईं। स्टोर मालिक जवाब प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके चलते अग्रिम कार्रवाई हेतु नोटिस जारी किया गया है।

हर्ष मेडिकल (बड़ा बाजार, सागर) में एक्सपायर्ड दवाइयां खुली बिक्री के लिए रखी मिलीं, जिन्हें तुरंत जब्त किया गया और दुकानदार को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। इसके अलावा महावीर ड्रग सेंटर बीना, राम मेडिकल जरुआखेड़ा, जन औषधि केंद्र भगवानगंज, सेठ मेडिकल शाहगढ़, गूंजण मेडिकल देवरी, श्री राधे मेडिकल विजय टॉकीज़ सहित अनेक मेडिकल स्टोर्स में कमियां पाई गईं।

औषधि निरीक्षक ने यह भी बताया कि विगत माह 15 संदिग्ध दवाइयों के सैंपल भोपाल जांच के लिए भेजे गए हैं, जिनकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। यदि कोई मेडिकल स्टोर निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करता पाया गया, तो उसकी दुकान को सील करने के साथ ही लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी

कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनस्वास्थ्य से कोई भी समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मिलावट और नकली दवाओं के खिलाफ सख्ती बरती जाए और जिले के सभी मेडिकल स्टोरों की जांच जारी रखी जाए।


कलेक्टर के निर्देश का असर : 1,000 से अधिक शिकायतें संतोषजनक रूप से बंद

सागर, 07 अगस्त 2025
कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. की सतत निगरानी और जवाबदेही आधारित प्रशासनिक कार्यशैली का असर अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगा है। सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज एक हजार से अधिक शिकायतों का संतोषजनक निराकरण कर उन्हें बंद कर दिया गया है, जिससे नागरिकों में प्रशासन के प्रति विश्वास और भी गहरा हुआ है।

कलेक्टर द्वारा सभी अधिकारियों को यह स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेकर व्यक्तिगत संपर्क कर उसका समाधान करें, जिससे शिकायतकर्ता पूरी तरह संतुष्ट हो।

इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण शिकायतकर्ता नंदराम की शिकायत में सामने आया, जिसमें उनके परिजन लखन कुशवाहा की मृत्यु 15 अक्टूबर 2021 को सड़क दुर्घटना में हुई थी, किंतु जनपद पंचायत खुरई द्वारा इस मृत्यु को सामान्य मृत्यु के रूप में दर्ज कर दिया गया था। इस त्रुटि के चलते हितग्राही को केवल ₹2,00,000 की राहत राशि ही स्वीकृत की गई थी, जबकि दुर्घटनाग्रस्त मृत्यु की स्थिति में कुल ₹4,00,000 की सहायता मिलती है।

शिकायतकर्ता ने सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से अंतर की राशि ₹2,00,000 की मांग की। मामले की जांच के बाद म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा ₹2,00,000 की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई, जो हितग्राही कस्तूरीबाई को भुगतान कर दी गई।

यह कार्रवाई कलेक्टर के निर्देश पर की गई त्वरित और प्रभावशाली कार्यप्रणाली का उदाहरण है, जो शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ आम नागरिकों तक पहुँचाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

कलेक्टर संदीप जी.आर. ने स्पष्ट किया है कि सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निराकरण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह प्रक्रिया नियमित समीक्षा और निगरानी से जुड़ी हुई है, ताकि किसी भी नागरिक की समस्या लंबित न रहे।

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