कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री संदीप जी. आर. ने कैल्शियम कार्बाइड से निर्मित कार्बाइड गन (कार्बाइड बन्दूक) के कारण हो रही दुर्घटनाओं और बच्चों में आँखों सहित अन्य चोटों की बढ़ती घटनाओं के संदर्भ में तत्काल संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने घटना की गंभीरता बताते हुए कहा कि कार्बाइड गन न केवल लोगों की जान और ज़िन्दगी के लिये खतरनाक है, बल्कि समाज में भय और असुरक्षा भी उत्पन्न करती है, इसलिए इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि समस्त उप-कलक्ट्रेट/एसडीएम अपने-अपने कार्यक्षेत्र में विशेष निरीक्षण अभियान चलाएँ। निरीक्षण के दायरे में कार्बाइड गन के निर्माण स्थल, भंडारण स्थान, बिक्री केन्द्र, तथा ग्रामीण-शहरी बाजारों के साथ-साथ उस शख्स या समूह की पहचान करना शामिल होगा जो इनका उत्पादन या वितरण कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण, विक्रय या उपयोग में लगे पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जब्त कर आवश्यक मामलों में परिवर्तित कार्रवाई की जाएगी।
निगरानी व प्रवर्तन के उपाय
- प्रत्येक विकासखण्ड में एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि वे पुलिस, राजस्व तथा स्थानीय नगर निगम/पंचायत दल के साथ संयुक्त निरीक्षण दल बनाकर सप्ताहिक छापेमार अभियान चलाएँ।
- निरीक्षण के दौरान संदिग्ध सामग्री और निर्मित उपकरण जब्त किये जाएँ और मामले का आपराधिक/नागरिक रिपोर्ट द्वारा आवश्यक कार्रवाई कराई जाए।
- ऐसे सभी व्यक्तियों या दुकानों की सूची बनाने का निर्देश दिया गया है जो कार्बाइड या उससे जुड़े उपकरणों का निर्माण/संचयन करते हैं।
जागरूकता एवं बचाव कार्यक्रम
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और पुलिस के समन्वय से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए जिसमें स्कूलों, पंचायत सभाओं, बाजार समितियों और मंदिरों-समुदाय केंद्रों में कार्बाइड के खतरों के बारे में जानकारी दी जाए। विशेष रूप से:
- विद्यालयों में बच्चों व अभिभावकों के लिये सेशन आयोजित कर कार्बाइड के इस्तेमाल की हानियाँ और सुरक्षित व्यवहार समझाया जाए।
- स्थानीय रेडियो, सोशल मीडिया और पम्पलेट-फ्लायर के माध्यम से भी जागरूकता सुनिश्चित की जाए।
- प्रभावित परिवारों और पीड़ित बच्चों के लिये प्राथमिक चिकित्सीय सहायता व नेत्रीय जांच शिविर लगवाये जाने के निर्देश दिये गये हैं।
पुलिस व राजस्व के साथ समन्वय
कलेक्टर ने पुलिस प्रशासन को कहा कि वे बाजारों तथा संगठित व अव्यवस्थित क्षेत्रों में विशेष पेट्रोलिंग व छानबीन करें। यदि किसी के विरुद्ध पहले से शिकायतें हैं तो उन पर शीघ्र कार्यवाही अमल में लायी जाए। राजस्व विभाग से कहा गया है कि वे अवैध भंडार या गोदामों की पहचान कर हस्तक्षेप करें।
सख्त दंडात्मक प्रावधान एवं निवारक चेतावनी
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि कार्बाइड गन से संबंधित गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वालों के विरुद्ध सम्बन्धित धाराओं के तहत शिकंजा कसा जाएगा और स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित दंडात्मक कार्रवाई एवं जब्ती की प्रक्रिया लागू की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि बार-बार चेतावनी के बावजूद यदि कोई व्यक्ति इसे जारी रखता है तो कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
समुदाय सहभागिता और रिपोर्टिंग तंत्र
कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी निर्माण या उपयोग की जानकारी तुरन्त नजदीकी पुलिस थाने या नोडल अधिकारी को दें। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर कोई भी संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर प्रशासन को सूचित करें ताकि समय रहते नुकसान रोका जा सके।
समापन में कलेक्टर ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य सर्वोपरि हैं। उन्होंने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को इस विषय को प्राथमिकता में रखते हुए 48 घंटे के भीतर निरीक्षण रिपोर्ट और आगामी दो सप्ताह के लिए क्रियान्वयन योजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। कलेक्टर ने साथ ही यह भी कहा कि प्रशासन जागरूकता व प्रवर्तन दोनों दिशा में एक साथ काम करेगा ताकि कार्बाइड गन की वजह से होने वाली दुर्घटनाओं को स्थायी रूप से रोका जा सके।