नई दिल्ली में केंद्रीय खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रहलाद जोशी से मध्यप्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रदेश की खाद्यान्न प्रबंधन व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं तकनीक-संचालित बनाने से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। भेंट में अपर मुख्य सचिव खाद्य रश्मि अरुण शमी, आयुक्त खाद्य कर्मवीर शर्मा एवं प्रबंध संचालक मप्र राज्य नागरिक आपूर्ति निगम अनुराग वर्मा भी उपस्थित रहे।
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने प्रदेश में खाद्यान्न उपार्जन, भंडारण, वितरण तथा गुणवत्ता सुधार से संबंधित नीतिगत एवं वित्तीय पहलुओं से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया। उन्होंने विकेन्द्रीकृत उपार्जन व्यवस्था के स्थान पर केन्द्रीयकृत प्रणाली लागू करने अथवा अनुमानित उपार्जन मात्रा के अनुरूप समर्थन मूल्य की एकमुश्त अग्रिम राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, जिससे किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके।


खाद्य मंत्री ने राज्य में उपार्जित अतिशेष गेहूं के एफसीआई द्वारा शीघ्र उठाव अथवा गोदामों में भंडारित गेहूं का तत्काल अधिग्रहण कर भुगतान प्रक्रिया प्रारंभ करने की मांग की। साथ ही मध्यप्रदेश के लिए स्वीकृत खाद्यान्न साख सीमा को 20 वर्ष के दीर्घकालीन ऋण में परिवर्तित करने तथा नागरिक आपूर्ति निगम के लंबित लेखों के विरुद्ध लगभग 7511 करोड़ रुपये के शीघ्र भुगतान का आग्रह किया।
इसके अलावा वर्ष 2020–21 एवं 2022–23 में वितरित खाद्यान्न से संबंधित डेटा को सेंट्रल रिपोजिटरी में अपलोड कराने पर भी बल दिया गया, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर पारदर्शिता और एकरूपता सुनिश्चित हो सके। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने सभी बिंदुओं पर सकारात्मक विचार-विमर्श करते हुए प्रस्तावों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।