केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने वर्ष 2025 के लिए अति-उत्कृष्ट एवं उत्कृष्ट सेवा पदकों की घोषणा कर दी है। इस सूची में सागर जिले के लिए गर्व का क्षण तब आया, जब सागर स्थित जवाहरलाल नेहरू पुलिस अकादमी (JNPA) में पदस्थ उप निरीक्षक (SI) प्रणेंद्र तिवारी और हेड कॉन्स्टेबल जितेंद्र कुमार कोरी का चयन ‘उत्कृष्ट सेवा पदक’ के लिए किया गया। यह सम्मान उन्हें पुलिस सेवा में अनुशासन, कर्तव्यपरायणता और प्रशिक्षण व्यवस्था में गुणात्मक सुधार के लिए प्रदान किया जा रहा है।
अनुशासन और प्रशिक्षण में निभाई अहम भूमिका
दोनों पुलिसकर्मियों को यह प्रतिष्ठित सम्मान उनके उच्च स्तर के अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और प्रशिक्षण संबंधी दायित्वों के बेहतरीन निर्वहन के लिए दिया गया है। एसआई प्रणेंद्र तिवारी और हेड कॉन्स्टेबल जितेंद्र कुमार कोरी ने पुलिस प्रशिक्षण शाला में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने में उल्लेखनीय योगदान दिया।
उनके मार्गदर्शन और कार्यशैली से नवप्रशिक्षुओं में न केवल अनुशासन का विकास हुआ, बल्कि पेशेवर दक्षता और सेवा-भावना भी सुदृढ़ हुई है। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने आधुनिक पुलिसिंग, व्यवहारिक ज्ञान और कर्तव्यबोध पर विशेष जोर दिया।

पुलिस प्रशिक्षण शाला सागर के लिए गौरव
पुलिस प्रशिक्षण शाला सागर में कार्यरत रहते हुए दोनों अधिकारियों ने प्रशिक्षण कार्यों के साथ-साथ प्रशासनिक दायित्वों और अनुशासनात्मक व्यवस्थाओं को भी मजबूती प्रदान की। उनके निरंतर बेहतर प्रदर्शन का ही परिणाम है कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर यह सम्मान प्राप्त हो रहा है।
उत्कृष्ट सेवा पदक मिलना पुलिस प्रशिक्षण शाला सागर के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है। यह उपलब्धि न केवल संस्थान की प्रतिष्ठा बढ़ाएगी, बल्कि अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को भी उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित करेगी।
एसपी लवली सोनी ने किया स्वागत
इस अवसर पर पुलिस प्रशिक्षण शाला की पुलिस अधीक्षक लवली सोनी ने एसआई प्रणेंद्र तिवारी और हेड कॉन्स्टेबल जितेंद्र कुमार कोरी का स्वागत करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान दोनों अधिकारियों की मेहनत, समर्पण और अनुशासन का प्रमाण है। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी वे इसी तरह पुलिस प्रशिक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देते रहेंगे।
लंबित जांच की सूचना देना अनिवार्य
पदक की घोषणा के बाद पुलिस मुख्यालय (PHQ) द्वारा जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी पदक प्राप्त अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध वर्तमान में कोई विभागीय, न्यायिक या अन्य जांच लंबित है, तो संबंधित इकाई को इसकी जानकारी तत्काल पुलिस मुख्यालय को देनी होगी।
आदेश में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि किसी प्रकार की जानकारी छिपाई जाती है या सूचना देने में लापरवाही बरती जाती है, तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कुल मिलाकर, सागर के इन दोनों पुलिसकर्मियों को मिला यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे जिले और पुलिस प्रशिक्षण शाला के लिए गर्व का विषय है।