मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें एक यात्री बस अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। इस हादसे में तीन महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि 21 यात्री घायल हो गए। घटना खरगोन से करीब 42 किलोमीटर दूर जिरातपुरा फाटे के पास हुई। हादसे ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है।

घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा?
शनिवार दोपहर करीब 12:10 बजे, यह बस खरगोन से आलीराजपुर के लिए रवाना हुई थी। बस में 25 से 30 यात्री सवार थे। जिरातपुरा फाटे के पास बस अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे गहरी खाई में जा गिरी।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बस की गति अधिक थी और मोड़ पर चालक नियंत्रण खो बैठा।
रेस्क्यू ऑपरेशन: ग्रामीणों और प्रशासन का सराहनीय प्रयास
हादसे की सूचना मिलते ही सेगांव पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। बचाव कार्य शुरू करने के लिए दो जेसीबी मशीनों का सहारा लिया गया।
ग्रामीणों और बचाव दल ने बस को सीधा कर उसमें फंसे यात्रियों को बाहर निकाला।
घायलों को पहले सेगांव अस्पताल ले जाया गया, जहां से 11 गंभीर रूप से घायल यात्रियों को खरगोन जिला अस्पताल रेफर किया गया।

घायलों की सूची
दुर्घटना में घायल यात्रियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- भारती बाई पति मदन (60), दमोह
- राजी बाई पति हरपाल (60), दमोह
- जय बाई पति इमरान (60), दमोह
- गुलाबरानी पति कर्मचंद (65), दमोह
- भागचंद पिता दुलाराम (58), दमोह
- कला बाई पति मानक (60), दमोह
- छोटी बाई पति चीतू (38), दमोह
- मानकलाल पिता तुलाराम (61), दमोह
- शील सिंह पिता कल्लू (60), दमोह
- गायत्री पति दूलीचंद (60), खरगोन किला
- पूजा पति नवनीत (30), खरगोन किला
हादसे में मृतकों की पहचान
हादसे में तीन महिलाओं और एक बच्चे की मौके पर मौत हो गई। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया
- जांच के आदेश:
खरगोन के एएसपी मनोहर सिंह बारिया ने घटना स्थल का निरीक्षण किया और कहा कि हादसे की विस्तृत जांच की जाएगी। - घायलों की देखभाल:
प्रशासन ने सभी घायलों को प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई और गंभीर रूप से घायल यात्रियों को जिला अस्पताल रेफर किया। - परिवहन विभाग को चेतावनी:
घटना के बाद परिवहन विभाग को इस क्षेत्र में चलने वाले वाहनों की सुरक्षा और फिटनेस जांच के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय लोगों की मांग
स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि जिरातपुरा फाटे पर पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। उनका आरोप है कि सड़क की खराब स्थिति और संकेतों की कमी दुर्घटनाओं का मुख्य कारण है।
उन्होंने प्रशासन से सड़क सुधार और यातायात प्रबंधन के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है .

खरगोन जिले की यह घटना प्रशासन और परिवहन विभाग के लिए एक चेतावनी है। बस संचालकों को वाहनों की फिटनेस और चालकों की जिम्मेदारी सुनिश्चित करनी होगी। इसके अलावा, जिरातपुरा फाटे जैसे जोखिमपूर्ण इलाकों में सड़क सुरक्षा के उपाय लागू करना बेहद जरूरी है।
घायलों के इलाज और मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने के साथ-साथ, इस हादसे की गहराई से जांच कर जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।