खलघाट टोल प्लाजा पर किसान आंदोलन, पुलिस ने दर्ज किए 700 अज्ञात लोगों पर प्रकरण

Spread the love

धार/धामनोद: सोमवार, 1 दिसंबर को धार जिले के धामनोद स्थित खलघाट टोल प्लाजा पर राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ (मालवा-निमाड़ प्रांत) के नेतृत्व में किसानों द्वारा आयोजित धरना प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में 17 किसानों के नामजद और लगभग 700 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।

पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कुछ किसानों ने बिना अनुमति के सड़क को अवरुद्ध किया, जिससे नेशनल हाईवे-52 पर यातायात प्रभावित हुआ। इस आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम का वीडियोग्राफी भी कराई थी और उसी के आधार पर किसानों के खिलाफ बीएनएस की धारा 223(a), 126(2), 191(2) और राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा 8बी के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है।

राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के धार जिला अध्यक्ष प्रकाश धाकड़ ने कहा कि उन्हें और अन्य पदाधिकारियों को दर्ज प्रकरण की जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि जल्द ही सभी पदाधिकारियों से चर्चा कर अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे।

कलेक्टर ने CM-PM तक मांगें पहुंचाने का आश्वासन दिया

धरना प्रदर्शन सुबह 5 बजे शुरू हुआ और पूरे दिन जारी रहा। किसानों ने नेशनल हाईवे-52 पर सड़क पर बैठकर अपनी मांगें प्रशासन के सामने रखीं। देर शाम करीब 8 बजे धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, धार एसपी मयंक अवस्थी और खरगोन एसपी मौके पर पहुंचे और किसानों से चर्चा की।

किसान संघ के पदाधिकारियों ने विधिवत ज्ञापन प्रस्तुत किया। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद कलेक्टर ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगें मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक पहुंचाई जाएंगी। साथ ही केंद्रीय राज्य मंत्री एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि सावित्री ठाकुर के नेतृत्व में किसानों का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली जाकर सरकार के सामने अपनी बात रखेगा। इस आश्वासन के बाद किसानों ने धरना-प्रदर्शन समाप्त करने का निर्णय लिया।

यातायात पर पड़ा भारी असर

धरना प्रदर्शन के कारण पूरे दिन नेशनल हाईवे-52 पर यातायात बाधित रहा। धार, बड़वानी, खरगोन और खंडवा जिलों से बड़ी संख्या में किसान मौके पर पहुंचे थे। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरे धार जिले में बीएनएस की धारा 163 लागू की और भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

प्रशासन और किसान संघ के बीच हुई इस बातचीत के बाद स्थिति तो शांत हुई है, लेकिन पुलिस की जांच अभी जारी है और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *