हरदा। जिले के खिरकिया क्षेत्र के छीपाबड़ गांव में सोमवार को एक बड़ी आगजनी की घटना सामने आई, जिसमें खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह खाक हो गई। हरदा-खंडवा स्टेट हाईवे के पास स्थित खेतों में अज्ञात कारणों से अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। इस भीषण आग में लगभग 50 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
जानकारी के अनुसार सोमवार दोपहर खेतों में अचानक आग की लपटें उठती दिखाई दीं। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और आसपास के खेतों में खड़ी फसल को भी अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग ने कई खेतों को घेर लिया और गेहूं की सुनहरी फसल धू-धू कर जलने लगी। खेतों में उठता धुएं का गुबार दूर से ही दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने पानी, मिट्टी और हरे पेड़ों की टहनियों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उसे नियंत्रित करना मुश्किल हो गया।
घटना की जानकारी मिलते ही खिरकिया से फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने तत्काल आग बुझाने का कार्य शुरू किया और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने का प्रयास किया। इस दौरान छीपाबड़ पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंच गई और स्थिति का जायजा लिया।
हालांकि दमकल विभाग और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयासों से आग को आगे फैलने से रोका गया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार करीब 50 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह जलकर राख हो गई। यह फसल कई किसानों की मेहनत और पूरे साल की कमाई का सहारा थी, जो देखते ही देखते आग की भेंट चढ़ गई।
ग्रामीणों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि किसानों को अपनी फसल बचाने का मौका तक नहीं मिला। कुछ किसानों ने बताया कि फसल पूरी तरह पककर कटाई के लिए तैयार थी और कुछ ही दिनों में कटाई शुरू होने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया।
फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। आशंका जताई जा रही है कि किसी चिंगारी या शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी हो सकती है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।
घटना के बाद प्रभावित किसान काफी परेशान नजर आए। किसानों का कहना है कि उनकी पूरी फसल जल गई है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और किसानों को आश्वासन दिया कि नुकसान का आकलन किया जाएगा। इसके लिए राजस्व विभाग की टीम द्वारा सर्वे कराया जाएगा, जिसके बाद प्रभावित किसानों को शासन की ओर से सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर किसानों की मेहनत और उनकी फसल की असुरक्षा को उजागर कर दिया है। फिलहाल प्रशासन आग लगने के कारणों की जांच में जुटा हुआ है और प्रभावित किसानों को राहत देने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।