किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा खुरई अनुविभाग अंतर्गत जनपद पंचायत सभाकक्ष में कृषिगत विषयों पर एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, नवीन तकनीकों तथा प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग के संबंध में जानकारी प्रदान करना रहा। बैठक में बड़ी संख्या में किसान, कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, खाद एवं भूसा व्यापारी तथा किसान संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में ई-विकास प्रणाली के माध्यम से खाद वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और सुगम बनाने पर विशेष जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि ई-विकास प्रणाली से किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने, वितरण की निगरानी करने तथा कालाबाजारी रोकने में मदद मिल रही है। किसानों को सलाह दी गई कि वे पंजीयन एवं आधार सत्यापन जैसी प्रक्रियाओं को समय पर पूर्ण कर योजनाओं का लाभ लें।
प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग से मृदा की उर्वरता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए जैविक खाद, वर्मी कम्पोस्ट, हरी खाद तथा जैव उर्वरकों के उपयोग से भूमि की सेहत बेहतर बनाए रखने पर जोर दिया गया। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के महत्व को समझाते हुए बताया गया कि खेत की मिट्टी की जांच के आधार पर ही संतुलित उर्वरक उपयोग किया जाए, जिससे लागत कम हो और उत्पादन में वृद्धि हो।
रबी सीजन के उपरांत सामने आने वाली नरवाई जलाने की ज्वलंत समस्या पर भी विशेष सत्र आयोजित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि नरवाई जलाने से पर्यावरण प्रदूषण, मृदा की उर्वरता में कमी तथा जैव विविधता को नुकसान होता है। इसके विकल्प के रूप में नरवाई प्रबंधन के विभिन्न उपायों की जानकारी दी गई। यंत्रीकरण के माध्यम से फसल अवशेष प्रबंधन, भूसा बनाकर विक्रय करना, बैक्टीरिया द्वारा अपघटन तकनीक अपनाना आदि उपायों को व्यवहारिक और लाभकारी बताया गया।
कार्यक्रम में भूसा मशीन, बेलर एवं अन्य कृषि यंत्रों के उपयोग की जानकारी दी गई। बताया गया कि इन यंत्रों के माध्यम से नरवाई को एकत्रित कर उपयोगी उत्पाद में बदला जा सकता है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत भी प्राप्त होता है। कृषि विभाग द्वारा यंत्रों पर उपलब्ध अनुदान योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों को आवेदन करने के लिए प्रेरित किया गया।

बैठक में उपसंचालक कृषि सागर श्री राजेश त्रिपाठी, जनपद अध्यक्ष श्री जमुना प्रसाद, जनपद उपाध्यक्ष श्री राजेंद्र सिंह, स्थायी कृषि समिति के अध्यक्ष श्री उपेंद्र सिंह राजपूत सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। वरिष्ठ कृषक श्री मूरत सिंह एवं श्री नारायण सिंह ने भी अपने अनुभव साझा किए। कृषक उत्पादक समिति से श्री महेश लोधी, भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष अनिरुद्ध सिंह, उपाध्यक्ष श्री राघवेंद्र सिंह तथा भूसा व्यापारी संघ के अध्यक्ष श्री हरजीत सिंह ने किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया।

अनुविभागीय अधिकारी कृषि खुरई जय दत्त शर्मा, अनुविभागीय अधिकारी सागर अनिल राय, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी खुरई राजू चौहान, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बीना अवधेश राय एवं कृषि विभाग मालथोन से सुरेन्द्र तिवारी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी कार्यक्रम में सक्रिय रूप से शामिल रहे। उन्होंने किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान किया और योजनाओं की पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में किसानों ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम से उन्हें नई तकनीकों एवं योजनाओं की सही जानकारी मिलती है, जिससे खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। किसानों ने उम्मीद जताई कि विभाग द्वारा आगे भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि कृषि क्षेत्र में नवाचार और सतत विकास को बढ़ावा मिल सके।