सागर, 30 जून 2025।
मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की सागर इकाई द्वारा जिले के खुरई विकासखंड के दो ग्रामों में झाड़ू निर्माण से जुड़ी महिलाओं के लिए 13 दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पारंपरिक झाड़ू निर्माण को आधुनिक तकनीकों और नए डिजाइनों के साथ जोड़ना रहा, जिससे महिलाओं के उत्पाद अधिक आकर्षक और टिकाऊ बन सकें।

इस प्रशिक्षण में 70 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया। इन्हें झाड़ू बनाने की विस्तृत प्रक्रिया के व्यावहारिक गुर सिखाए गए। प्रशिक्षण के लिए विशेष प्रशिक्षक मंडला जिले से बुलाए गए, जिन्होंने महिलाओं को स्थानीय सामग्री का उपयोग कर बेहतर क्वालिटी की झाड़ू बनाने की तकनीक सिखाई।
जिला कौशल प्रबंधक समीर प्रकाश दीक्षित ने बताया कि यह प्रशिक्षण पहले से झाड़ू निर्माण से जुड़ी महिलाओं को प्राथमिकता देकर दिया गया। उन्होंने कहा, “हमने पहले चर्चा कर यह जाना कि महिलाएं क्या नया सीखना चाहती हैं और उसके अनुरूप प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किया गया।”

विकासखंड प्रबंधक रोहित मोदी ने कहा कि प्रशिक्षण पूरी तरह गांव में ही आयोजित किया गया, जिससे महिलाओं को अपने घरेलू कार्यों के साथ प्रशिक्षण लेने में सुविधा हुई।
सागर कलेक्टर श्री संदीप जी आर के मार्गदर्शन में इस पहल को सफल बनाया गया। उन्होंने बताया कि ग्रामीण महिलाओं के पास पहले से मौजूद कौशल में तकनीकी सुधार और बाजार के अनुसार वैल्यू एडिशन कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण का उत्साहजनक परिणाम यह है कि अब स्थानीय व्यापारी इन महिला समूहों से झाड़ू खरीदने के लिए सीधे संपर्क कर रहे हैं। सैंपल देखकर वे बड़ी मात्रा में ऑर्डर देने की बात कह रहे हैं। इससे महिलाओं को न सिर्फ स्थायी आजीविका का साधन मिला है बल्कि उनकी मेहनत का उचित मूल्य भी मिल रहा है।
झाड़ू निर्माण में यह नवाचार, महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और कौशल विकास की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हो रहा है।