खुरई के पास दर्दनाक सड़क हादसा !

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हनुमान जयंती के पावन अवसर पर दर्शन कर लौट रहा एक परिवार सड़क हादसे का शिकार हो गया। खुरई के पास नेशनल हाईवे-44 पर तेज रफ्तार कंटेनर ने बाइक सवार तीन लोगों को कुचल दिया। इस भीषण हादसे में मां और बेटी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पिता गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।


दर्शन कर लौटते समय हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, पठारी परसोन गांव निवासी 58 वर्षीय राजा सिंह राजपूत अपनी पत्नी सरोज (55) और बेटी रश्मि (35) के साथ हनुमान जयंती के मौके पर अमझरा घाटी स्थित हनुमान मंदिर दर्शन करने गए थे।

तीनों एक ही बाइक पर सवार होकर मंदिर से लौट रहे थे। जब वे मालथौन थाने के पास नेशनल हाईवे-44 पर पहुंचे, तभी पीछे से तेज गति में आ रहे एक अनियंत्रित कंटेनर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।


मौके पर ही मां-बेटी की मौत

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सरोज और उनकी बेटी रश्मि की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े।

राजा सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले मालथौन के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत बिगड़ने पर सागर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।


ड्राइवर फरार, कंटेनर जब्त

घटना के बाद कंटेनर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने कंटेनर को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है।

मामले की जांच जारी है और पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपी चालक को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।


ब्लैक स्पॉट बना हादसे का कारण

जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, उसे स्थानीय लोग पहले से ही खतरनाक ‘ब्लैक स्पॉट’ मानते हैं। यहां पास में थाना, मंदिर और कई सरकारी दफ्तर स्थित हैं, जिससे लोगों की आवाजाही लगातार बनी रहती है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि टोल प्लाजा से कोर्ट तक का रास्ता ढलान वाला है, जिससे वाहन तेज गति से नीचे आते हैं और अक्सर नियंत्रण खो बैठते हैं।


प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

लोगों ने प्रशासन और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इस स्थान पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए।

न तो पर्याप्त स्पीड ब्रेकर हैं, न ही चेतावनी संकेत, और न ही ट्रैफिक नियंत्रण के प्रभावी उपाय। ऐसे में हर दिन यहां हादसे का खतरा बना रहता है।


परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

इस हादसे ने एक ही झटके में परिवार की खुशियां छीन लीं। जहां त्योहार का दिन खुशी और आस्था का प्रतीक होता है, वहीं इस परिवार के लिए यह दिन हमेशा के लिए दर्दनाक याद बन गया।

गांव में इस घटना के बाद शोक का माहौल है और लोगों में गहरा आक्रोश भी देखने को मिल रहा है।


सुरक्षा उपायों की जरूरत

यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के पालन की गंभीर आवश्यकता को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे ब्लैक स्पॉट पर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए, जैसे:

  • स्पीड कंट्रोल के लिए स्पीड ब्रेकर और रंबल स्ट्रिप्स
  • चेतावनी संकेत बोर्ड
  • सीसीटीवी निगरानी
  • नियमित ट्रैफिक पुलिस की तैनाती

खुरई के पास हुआ यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही का भी परिणाम है। यदि समय रहते सुरक्षा उपाय किए जाते, तो शायद दो जिंदगियां बचाई जा सकती थीं।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस घटना से सबक लेकर भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।

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