राष्ट्रीय सायबर जागरूकता माह (अक्टूबर 2025) के तहत सागर जिले में साइबर सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए पुलिस द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना खुरई ग्रामीण पुलिस ने सोमवार, 27 अक्टूबर 2025 को शासकीय महाविद्यालय खुरई में एक सायबर जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया।

कार्यक्रम में थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष सिंह दांगी और आरक्षक संजय जाट ने छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को सायबर अपराधों के विभिन्न रूपों जैसे — ऑनलाइन ठगी, बैंकिंग फ्रॉड, OTP स्कैम, फिशिंग कॉल्स, फर्जी वेबसाइट्स और सोशल मीडिया हैकिंग के खतरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को समझाया कि किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या मैसेज पर क्लिक न करें और अपनी व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति सायबर अपराध का शिकार होता है तो तुरंत राष्ट्रीय सायबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज कर सकता है या नजदीकी थाने अथवा कंट्रोल रूम से संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकता है।

सेमिनार में छात्रों को डिजिटल सुरक्षा बनाए रखने के व्यावहारिक उपाय बताए गए — जैसे मजबूत पासवर्ड का उपयोग, दो-स्तरीय ऑथेंटिकेशन सक्षम करना, सोशल मीडिया पर निजी जानकारी सीमित रखना, और अजनबियों के संदेशों से सतर्क रहना।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और नागरिकों में सायबर अपराधों के प्रति सजगता और जिम्मेदारी की भावना बढ़ाना था, ताकि वे डिजिटल युग में सुरक्षित रह सकें।

यह अभियान पुलिस उप महानिरीक्षक, सागर रेंज के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीना डॉ. संजीव उइके एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर लोकेश कुमार सिन्हा के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है।
थाना खुरई ग्रामीण पुलिस की यह पहल समाज में जागरूकता फैलाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है, जिससे आने वाली पीढ़ी डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रह सकेगी।