सागर जिले के खुरई नगर में ई-रिक्शा का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। शहर में ये अब यातायात और माल ढुलाई का प्रमुख साधन बन चुके हैं। ई-रिक्शा के कारण कई लोगों को स्वरोजगार भी मिला है, लेकिन इनकी बढ़ती संख्या के साथ सड़क सुरक्षा को लेकर चिंताएं भी बढ़ने लगी हैं। खासकर नाबालिग चालकों द्वारा ई-रिक्शा चलाए जाने से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
बड़ी संख्या में नाबालिग चला रहे ई-रिक्शा
नगर की सड़कों पर चल रहे कई ई-रिक्शा ऐसे किशोर चला रहे हैं, जिनके पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस है और न ही वाहन चलाने का पर्याप्त अनुभव। कम उम्र के चालक कई बार तेज रफ्तार में ई-रिक्शा चलाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।

भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्रों में भी लापरवाही से ई-रिक्शा चलाने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। कई चालक वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करते नजर आते हैं, जिससे टक्कर या पैदल चलने वालों को चोट लगने जैसी घटनाओं का खतरा बना रहता है।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा भी चिंता का विषय
ई-रिक्शा में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों का भी आवागमन होता है। ऐसे में यदि चालक नाबालिग या अनुभवहीन हो, तो बच्चों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े होते हैं। पिछले कुछ महीनों में शहर में ई-रिक्शा से जुड़ी कई छोटी-मोटी दुर्घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें लोग बाल-बाल बचे हैं।
हाल के महीनों में हुई घटनाएं

18 फरवरी 2026: खुरई सिविल अस्पताल से सवारियां लेकर जा रहा एक ई-रिक्शा अस्पताल के पास नाली में फंसकर पलट गया था। इस घटना में सवार लोगों को मामूली चोटें आई थीं।
8 जनवरी 2026: गुरुकुल रोड स्थित पेट्रोल पंप के सामने स्कूली बच्चों से भरा ई-रिक्शा बाइक से टकराते हुए पास की दुकान में जा घुसा। इस हादसे में बाइक क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि बच्चे बाल-बाल बच गए।
15 दिसंबर 2025: नेहरू स्टेडियम के सामने एक ई-रिक्शा की बैटरी में अचानक जोरदार धमाका हो गया था। उस समय ई-रिक्शा में कोई सवारी नहीं थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
15 जनवरी 2025: लवकुश चौराहे के पास सवारियों से भरा ई-रिक्शा अचानक पलट गया था। इस घटना में चार लोगों को मामूली चोटें आई थीं।

प्रशासन की चेतावनी
खुरई शहरी थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह दांगी ने कहा कि यदि कोई नाबालिग ई-रिक्शा चलाते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ई-रिक्शा चालकों को भी यातायात नियमों का पालन करने और सावधानीपूर्वक वाहन चलाने के लिए समझाइश दी जाएगी।
नियंत्रण और जागरूकता की जरूरत

स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में ई-रिक्शा की संख्या तेजी से बढ़ रही है, इसलिए इनके संचालन पर निगरानी और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाना जरूरी है। साथ ही नाबालिगों को वाहन चलाने से रोकने और चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने की भी आवश्यकता है, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।