खुरई नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में स्थानीय स्तर पर सब्जियों का उत्पादन बढ़ने से सब्जी बाजार में इन दिनों भरपूर आवक देखने को मिल रही है। खुरई, जरवांस, बनहट, नरोदा, भीलोन, कोकलवारा, ऐचनवारा, बेचनवारा सहित अन्य गांवों से बड़ी मात्रा में ताजी सब्जियां प्रतिदिन खुरई मंडी और स्थानीय बाजार में बिक्री के लिए पहुंच रही हैं। इससे सब्जियों के दामों में उल्लेखनीय गिरावट आई है, जिससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिली है।
सब्जी व्यापारियों के अनुसार इन दिनों खेतों से सीधी आपूर्ति होने के कारण बाजार में सब्जियों की उपलब्धता बढ़ गई है। टमाटर की फसल भी अब धीरे-धीरे बाजार में आने लगी है, जिससे इसके दाम भी नियंत्रण में हैं। वर्तमान में मटर फली 30 रुपए प्रति किलो, टमाटर 40 रुपए प्रति किलो, शिमला मिर्च, गाजर और सेम 30 रुपए प्रति किलो के भाव पर बिक रही हैं। वहीं फूल गोभी और पत्ता गोभी भी 30 रुपए प्रति किलो की दर से उपलब्ध है।
हालांकि सब्जियों के दाम जहां गिरे हैं, वहीं लहसुन की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। बाजार में लहसुन की मांग बढ़ने के कारण इसके दाम बढ़कर 200 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि लहसुन की आवक अपेक्षाकृत कम है, जबकि मांग अधिक बनी हुई है, जिससे कीमतों में उछाल आया है।

स्थानीय सब्जी व्यापारी राजकुमार ने बताया कि इस समय सब्जियों की कुल मांग लगभग 3 टन प्रतिदिन की है, जबकि बाजार में 5 टन तक सब्जियों की आवक हो रही है। मांग से अधिक आपूर्ति होने के कारण सब्जियों के दामों में गिरावट आई है। उन्होंने बताया कि सोमवार को बाहर से भी अधिक मात्रा में सब्जियां बाजार में आती हैं, जिससे दाम और नीचे चले जाते हैं।
सब्जियों के दाम कम होने से आम उपभोक्ता खुश नजर आ रहे हैं। गृहणियों का कहना है कि लंबे समय बाद सब्जियां सस्ते दामों पर मिल रही हैं, जिससे रसोई का बजट संतुलित हो पा रहा है। वहीं किसानों का कहना है कि उत्पादन अच्छा होने से उन्हें उपज बेचने में कोई परेशानी नहीं हो रही है, हालांकि दाम कम होने से मुनाफा सीमित रह गया है।
कुल मिलाकर स्थानीय उत्पादन और अधिक आवक के चलते खुरई के सब्जी बाजार में इस समय खरीदारों की चांदी है, जबकि आने वाले दिनों में आवक और बढ़ने पर दामों में और गिरावट की संभावना जताई जा रही है।