खुरई | हम्माली दरों में समय पर वृद्धि न होने से नाराज श्रम शक्ति हम्माल मजदूर संघ ने गुरुवार को प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित किया। संघ के अध्यक्ष राजाराम के नेतृत्व में बड़ी संख्या में हम्माल मजदूर एसडीएम कार्यालय पहुंचे और एसडीएम मनोज चौरसिया को ज्ञापन सौंपकर हम्माली दरों में तत्काल वृद्धि की मांग की।
ज्ञापन में संघ ने बताया कि व्यापारी संघ द्वारा वर्ष 2003 में हम्माली दरों में 16 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। इसके बाद वर्ष 2024–25 में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए दरें दो वर्षों के लिए निर्धारित की गई थीं, जिनकी वैधता 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुकी है। नियमों के अनुसार 1 जनवरी 2026 से नई हम्माली दरें लागू होनी थीं, लेकिन अब तक व्यापारी संघ द्वारा नई दरों की घोषणा नहीं की गई, जिससे हम्माल मजदूरों में रोष व्याप्त है।

संघ का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई, रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों में इजाफा और पारिवारिक खर्चों के चलते पुरानी दरों पर काम करना अब मुश्किल हो गया है। मजदूरों ने आरोप लगाया कि मेहनत के अनुपात में पारिश्रमिक न मिलने से उनका जीवनयापन प्रभावित हो रहा है। ऐसे में समय पर दरों में संशोधन न होना श्रमिकों के साथ अन्याय है।

हम्माल मजदूरों ने प्रशासन से मांग की कि वह व्यापारी संघ से चर्चा कर जल्द से जल्द नई हम्माली दरें लागू कराए, ताकि मजदूरों को उनके श्रम का उचित मूल्य मिल सके और आर्थिक परेशानियों से राहत मिल सके। ज्ञापन सौंपते समय संघ के उपाध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में हम्माल मजदूर मौजूद रहे।
इस अवसर पर एसडीएम मनोज चौरसिया ने हम्माल मजदूर संघ को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि व्यापारी संघ से बातचीत कर नियमानुसार नई हम्माली दरें शीघ्र लागू कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, जिससे मजदूरों को न्याय मिल सके।